एनटीपीसी की लापरवाही, दो सौ एकड़ की फसल बर्बाद, 3सौ मीटर की नहर लाइनिंग भी तोड़ा

बिलासपुर। एनटीपीसी सीपत की लापरवाही से कर्रा गांव में दो सौ एकड़ फसल बर्बाद हो गया। किसान अब मुआवजा की मांग करने लगे है। लेकिन एनटीपीसी प्रबंधन किसानों को सुनने के लिए भी तैयार नही है। आज इस मामले को जिला पंचायत नूरी कौसिक ने उठाया लेकिन वहां भी इसे गंभीरता से नही लिया गया।अपने स्थापना काल से ही एनडीपीसी प्रबंधन क्षेत्र में अपनी मनमानी कर रहा है। चाहे वह सीएसआर मद की राशि खर्च करने का मामला हो या फिर प्लांटेशन करने का मामला हो। एनटीपीसी प्रबंधन की मनमानी का शिकार अब किसान भी होने लगे है। ताजा मामला ग्राम कर्रा का है जहां पर एनटीपीसी प्रबंधन की लापरवाही के कारण 60 से अधिक किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। यहां के किसान लगभग 2 सौ एकड़ कृषि भूमि में तिवरा, चना और गेहूं की फसल ले रहे थे। पिछले दिनों एनटीपीसी के डेम से रिसने वाले पानी को वापस डेम में डालने के लिए नाला बनाया और मिट्टी सिंचाई विभाग के हर में दाल दिया। जब नहर में पानी आया तो पानी किसानो के खेत मे घुस गया। यही नही 24 घंटे के अंदर कर्रा गांव के 2 सौ एकड़ खेत जिसमे चना, तिवरा और गेहूं की फसल खड़ी थी भर गया। पानी भरने के कारण पूरी फसल सड़ गई। जब गांव के लोग हंगामा किए तो एनटीपीसी प्रबंधन एक्सीवेटर भेजकर नहर की मिट्टी तो निकल दिया, लेकिन सिंचाई विभाग की नहर को तीन सौ मीटर तक खोदकर बर्बाद कर दिया। अब हर जैसी कोई चीज वहां पर दिखाई नही दे रही है। इस पूरे मामले को लेकर गांव के किसान पिछले दिनों एनटीपीसी प्रबंधन से मुलाकात की और मुआवजे की मांग किया। लेकिन प्रबंधन किसानों की एक न सुनी। आज इस मामले को लेकर जिला पंचायत सदस्य नूरी कौसिक ने सामान्य सभा की बैठक में उठाया लेकिन वहां भी इसे गम्भीरता से नही लिया गया। जबकि मस्तूरी विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बंधी ने भी जिला पंचायत सदस्य नूरी कौसिक को सपोर्ट करते हुए मामला उठाया और किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए पहल करने की मांग की। लेकिन उनकी बातों को भी सामान्य सभा मे गंभीरता से नही लिया।

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *