रायपुर। शिक्षा विभाग में शिक्षक हो या बाबू सबको ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए अब ऑन लाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। हार्ड कॉपी में दिए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। सरकार Kओ लगता है कि इस निर्णय के बाद जेडी ऑफिस से जो ट्रांसफर-पोस्टिंग की दुकान चल रही है उस पर लगाम लग जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी स्थानांतरण अब एनआईसी द्वारा निर्मित वेबसाईट https://shiksha.cg.nic.in/TecherEst के माध्यम से किए जाएंगे। स्वैच्छिक स्थानांतरण चाहने वाले व्यक्तियों को ऑनलाईन आवेदन करना होगा। इसके बाद यदि वे चाहें तो इस आवेदन को प्रिंट करके कागज पर भी प्रेषित कर सकते हैं। ऑनलाईन आवेदन नहीं किए जाने की स्थिति में केवल कागज पर किए गए आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा आज इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक स्थानांतरण की एण्ट्री संचालनालय लोकशिक्षण द्वारा एनआईसी की वेबसाईट पर की जाएगी तथा उससे निकाले गए प्रिंट को ही फाईल पर लगाकर प्रेषित किया जाएगा। बिना वेबसाईट में एण्ट्री किए कोई प्रशासनिक स्थानांतरण भी नहीं किया जाएगा। स्थानांतरण आदेश भी एनआईसी के वेबसाईट के माध्यम से ही जारी होंगे। संबंधित कर्मचारियों के कार्य मुक्ति और नए स्थान पर ज्वाईनिंग भी एनआईसी की वेबसाईट के माध्यम से ही की जाएगी। गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी और जेडी कार्यालयों में अधिकारी ट्रांसफर पोस्टिंग की दुकान खोलकर बैठ गए थे। मंन्त्री और मुख्यमंत्री को खबर भी नहीं लग पाती थी और अधिकारी लाखों रुपए की अवैध उगाही करके सैकड़ों शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग कर लेते थे। इस उगाही के कारण सरकार की बदनामी हो रही थी क्योंकि अधिकारी मंन्त्री के नाम पर ही उगाही करते थे। इसके लिए पूरा रैकेट काम करता था। इसकी बानगी अभी हाल ही में मनचाही पोस्टिंग को लेकर की गई सौदेबाजी में सामने आ गई है। इस मामले में ज्वाइन डायरेक्टर समेंत कार्यालय के चार और लोगों के नाम सामने आ रहे है। मन जा रहा है देर-सबेर ये सभी सलाखों के पीछे नजर आएंगे।
गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी और जेडी कार्यालयों में अधिकारी ट्रांसफर पोस्टिंग की दुकान खोलकर बैठ गए थे। मंन्त्री और मुख्यमंत्री को खबर भी नहीं लग पाती थी और अधिकारी लाखों रुपए की अवैध उगाही करके सैकड़ों शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग कर लेते थे। इस उगाही के कारण सरकार की बदनामी हो रही थी क्योंकि अधिकारी मंन्त्री के नाम पर ही उगाही करते थे। इसके लिए पूरा रैकेट काम करता था। इसकी बानगी अभी हाल ही में मनचाही पोस्टिंग को लेकर की गई सौदेबाजी में सामने आ गई है। इस मामले में ज्वाइन डायरेक्टर समेंत कार्यालय के चार और लोगों के नाम सामने आ रहे है। मन जा रहा है देर-सबेर ये सभी सलाखों के पीछे नजर आएंगे।
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