बिलासपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लड़कियां गाएंगी अपने स्वतंत्रता के गीत और वो भी अपने अंदाज़ में। वो दावा करेंगी सूनसान सड़कों पर भी, खुद के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का। लड़कियां दावा करेंगी अपने ढंग से खाने, पहनने, जीने, जीवनसाथी चुनने, हां और ना कहने की आज़ादी के लिए। लड़किया धक्का देंगी, दकियानूसी छोटी मानसिकता को, पितृसत्तात्मक सोच को जो लड़की को उसके कपड़े से जज करते हैं, और बलात्कार, छेड़छाड़ आदि का कारण लड़कियों और उसके कपड़ों को बताते हैं।

आज देश भले आज़ाद हो गया है, लेकिन क्या आधी आबादी अब भी आज़ाद है ? कोई भी वर्ग, समुदाय, धर्म हो… जब बात आती है आधी आबादी के हक़ की, तो वहाँ आज भी लड़कियों को पितृसत्तात्मक समाज गुलाम बनाये रखना चाहता है।
हर एक लड़की अपने स्वतंत्रता की लड़ाई हर दिन लड़ रही है, और अपने हक अधिकार के लिए लड़कर ही उसके हाथ कुछ लग पा रहा है। ज्यादातर लड़की के हर निर्णय को उसके स्वयं के द्वारा नही लेने दिए जाते, परिवार चाहे – अनचाहे ढंग से, पितृसत्तात्मक सोच के कारण, लड़की को आज भी गुलामी की जंजीरों में जकड़ने और बांधकर रखने की कोशिश जारी है। इन तमाम बातों को ध्यान में रखकर आगामी 8 मार्च को गीत के माध्यम से अपना प्रतिरोध दर्ज करेंगे। जिसमे लड़कियां “ओ वोमेनिया” नाईट मार्च (लडकिया गाएंगी अपनी स्वतन्त्रता के गीत) समय – रात 9 से 12 तक स्थान – रिवर व्यू से शुरू करके, अंत मे मार्च करते हुए बेटी चौक (देवकीनंदन चौक) तक जाएंगे।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरAugust 5, 2026खेत में काम कर रहे भाई बहन को भालू नोचता रहा, नहीं बचा पाए ग्रामीण, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
बिलासपुरAugust 4, 202645 करोड़ के नकली नोट के लालच में सवा करोड़ के असली नोट गंवा बैठा व्यापारी, जांच में जुटी पुलिस
बिलासपुरAugust 3, 2026प्रमोशन और वेतन विसंगति को लेकर पटवारियों में आक्रोश, सौंपा ज्ञापन, कहा – RI की सीधी भर्ती बंद हो
बिलासपुरAugust 2, 20264 युवकों ने वृद्ध और उसके परिवार को किया ब्लैकमेल, ले लिए 15 लाख रुपए और 450 सोने के गहने, अब जाएंगे जेल
