प्रश्न-1 बजट में इस बार राजस्व अधिक्य (702 करोड़) दर्शाया गया है? पिछली बार राजस्व घाटे (-3,702 करोड़) का बजट था। ऐसा कैसे संभव हुआ, सरकार की राजस्व आय में वृद्धि कैसे संभव हुई?
उत्तरः- राज्य सरकार द्वारा लगातार राजस्व आय में वृद्धि के प्रयास किये गये है। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे-राजीव किसान न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, समर्थन मूल्य पर धान के एक-एक दानें की खरीदी, किसानों को 5 हार्स पावर तक के कृषि पंपों के लिए निःशुल्क विद्युत प्रदाय, देश में सर्वाधिक 65 लघुवनोपजों का समर्थन मूल्य पर क्रय आदि के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों श्रमिकों, वनवासी भाईयों तथा ग्रामीण जनों की आय में वृद्धि करने का काम किया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पैसा जाने से हमारे ग्रामवासियों की क्रय शक्ति में वृद्धि हुई है, जो कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि में भी परिलक्षित है। इससे बाजार में मांग बढ़ी, जिससे उत्पादन बढ़ा और इससे अर्थव्यवस्था का चक्र पूर्ण होने से राज्य की राजस्व आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। इन सभी कारणों से हम पिछले साल के राजस्व घाटे से उबरकर इस साल रेवेन्यू सरप्लस बजट प्रस्तुत करने में कामयाब रहे है।
प्रश्न-2 बजट में वित्तीय/राजकोषीय घाटा (14,600 करोड़) जीएसडीपी के 3.33 प्रतिशत अनुमानित है। क्या यह थ्त्ठड ।बज के अनुरूप है एवं सरकार इस वित्तीय घाटे की पूर्ति किस प्रकार करेगी?
उत्तरः- वर्ष 2022-23 के लिए केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों को वित्तीय घाटे की सीमा 3.5 प्रतिशत तक रखने की सहमति केन्द्रीय बजट में दी गई है। इसके अतिरिक्त अगले वर्ष राज्य को 3,400 करोड़ पूंजीगत व्यय के लिये विशेष सहायता के रूप में 50 वर्ष की अवधि का ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा, जो कि इस वित्तीय घाटे में शामिल है। इसे कम करने पर वित्तीय घाटा केवल 11,200 करोड़ ही होगा, जो जीएसडीपी का मात्र 2.55 प्रतिशत होगा। यह थ्त्ठड ।बज के द्वारा निर्धारित सीमा 3 प्रतिशत के भीतर है।
2/ बजट में राज्य की राजस्व प्राप्तियां 44,500 करोड़ अनुमानित है, जिनमें वृद्धि के प्रयास कर आगामी वर्ष वित्तीय घाटे को और कम करने का हरसंभव प्रयास किया जायेगा। कोविड-19 की आपदा के बावजूद राज्य की राजस्व प्राप्तियों में इस वर्ष 20 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित है तथा अगले वर्ष यह 2021-22 के बजट अनुमान की तुलना में 27 प्रतिशत अनुमानित है। इस प्रकार बजट घाटे की पूर्ति राज्य की आय में निरंतर वृद्धि करके की जायेगी।
प्रश्न-3 राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। इसका कारण क्या है तथा आगामी वर्षो में सरकार इसे कैसे नियंत्रित करेगी?
उत्तरः- विगत 3 वर्षो (2018-19 से 2020-21) में केन्द्र से राज्य को करों के हिस्से की राशि में 14,628 करोड़ की कमी की गई है तथा जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की राशि भी अनुदान के स्थान पर ऋण के रूप में मिली है, जो 2020-21 एवं 2021-22 में 8,074 करोड़ है। आपदा के समय में राज्य के लोगों को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं, राशन, कृषि उपज के मूल्य एवं आदान राशि का किसानों के खातों में सीधे पैसे देने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में कमी होने पर ही मजबूरी में ऋण लिया गया, ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ अकेला राज्य नहीं है। बल्कि अन्य राज्यों एवं केन्द्र सरकार की तुलना में हमनें बहुत कम कर्ज लिया।
इस वर्ष हमनें फरवरी माह तक केवल 2,916 करोड़ शुद्ध ऋण ही लिया है, जो कि अप्रैल-मई में कोविड की तीसरी लहर के दौरान आर्थिक गतिविधियों में कमी के कारण राजस्व प्रभावित होने से अतिआवश्यक व्ययों के लिए ही लिया गया था। आगामी वर्षो में भी केवल अतिआवश्यक होने पर ही कर्ज लिया जायेगा।
प्रश्न-4 वर्तमान में राज्य का स्थापना व्यय कितना है तथा सरकार इसे आगामी वर्षो में कैसे बढ़ने से रोकेगी?
उत्तरः- वर्ष 2020-21 में राज्य का स्थापना व्यय, कुल व्यय का 26 प्रतिशत था। चालू वर्ष में यह 26 प्रतिशत तथा अगले वर्ष के बजट में भी यह 26 प्रतिशत अनुमानित है। सरकार द्वारा राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के निरंतर उपायों से राजस्व में वृद्धि हो रही है, जिससे हम स्थापना व्यय 26 प्रतिशत सीमित रखने में सफल रहे है। आगामी वर्षो में इसे सीमित रखा जायेगा।
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