कोरबा। कोरबा कलेक्टर रानू साहू के कड़े तेवर से अधिकारी सकते में है। टीएल की बैठक में एक तहसीलदार को बेहद पुअर परफार्मेंस के कारण तत्काल हटाकर पसान ट्रांसफर कर दिया है। बैठक चलते-चलते में ही उसका ट्रांसफर लेटर तैयार हो गया। तहसीलदार पिछले 4 महीने में राजस्व का एक प्रकरण निराकृत नहीं किया था।
प्रदेश में सबसे एक्टिव कलेक्टर के रूप में अपनी पहचान बना चुकी रानू साहू टीएल की बैठक ले रही थी। बैठक के दौरान प्रोजेक्टर पर प्रजेंटेशन देखते – देखते अचानक से कलेक्टर रानू साहू की नजर एक आंकड़े पर पड़ी और भड़क गई। दरअसल वो आंकड़ा राजस्व प्रकरण के लंबित मामलों का था। साढ़े तीन महीने में कोरबा तहसीलदार ने एक भी प्रकरण का निपटारा नहीं किया था। तहसीलदार के इस कारगुजारी पर खफा कलेक्टर ने भरी बैठक में उसे जमकर फटकार लगा दी। ना सिर्फ फटकार लगायी ये भी कह दिया कि ऐसा अधिकारी कोरबा जिला मुख्यालय में रहने लायक नहीं है। इसी दौरान कलेक्टर ने पिछले जनदर्शन में आये शिकायतों के निराकरण की जानकारी SDM और तहसीलदारों से पूछ ली। तहसीलदार अपने जवाब में पटवारी प्रतिवेदन नही मिलने और शिकायतकर्ता को अपात्र बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करने लगे। तभी कलेक्टर ने पटवारी की रिपोर्ट का परीक्षण करने की बात SDM और तहसीलदार से पूछ लिया। कलेक्टर के इस सवाल के बाद बैठक में सन्नाटा पसर गया, बस फिर क्या था कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों की क्लास लगा दी। कलेक्टर ने राजस्व विभाग की कार्य प्रणाली और पटवारियों की मनमानी पर सवाल उठाते हुए ये तक कह दिया कि “ आपको मालूम है आपका पटवारी छोटी – छोटी जमीन के सीमांकन और चौहद्दी के लिए किस तरह लोगों को घूमाते है। आम लोग जनदर्शन में पटवारी की मनमानी की शिकायत करते है और उसके बाद भी पटवारी की रिपोर्ट का परीक्षण किये बगैर ही अपना निर्णय दे रहे है। ये बर्दाश्त नही किया जाएगा, बैठक के दौरान कलेक्टर का गुस्सा उस वक्त और भड़क गया , जब कोरबा तहसील में पिछले साढ़े तीन महीने से लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण अपूर्ण मिला। इस बात से नाराज कलेक्टर ने बैठक में ही लापरवाह तहसीलदार सुरेश साहू को शो कॉज नोटिस जारी कर तत्काल पसान ट्रांसफर करने का आदेश जारी कर दिए। बैठक के बीच में ही ट्रांसफर आदेश टाईप कराकर प्रस्तुत किया गया और राजस्व प्रकरण में लापरवाही कर शासन – प्रशासन की मंशा पर पानी फेरने वाले तहसीलदार को पसान तबादला कर दिया गया। कलेक्टर की इस कार्रवाई को देख अफसरों के बीच हड़कंप मच गया। वही कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण के नाम पर रिश्वत मांगने वालों पर नकेल कसने के लिए एक टोल फ्री नंबर 9406133440 भी जारी किया गया है। जिले के नागरिक टोल फ्री नंबर पर राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण के लिए रिश्वत मांगने वाले अधिकारी की सीधी शिकायत कर इस टोल फ्री नंबर पर बकायदा शिकायतकर्ता की सकेगें। इस टोल फ्री नंबर पर बकायदा शिकायतकर्ता की शिकायत RECORD की जाएगी। शिकायत मिलने के बाद प्रकरण की जांच कर शिकायत सही पाये जाने पर रिश्वत मांगने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कलेक्टर रानू साहू ने कही है।
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