BALCO दे रहा सरकार को झटके पे झटका, अपना नुकसान बचाने सरकार को पहुंचा रहा क्षति, अब तक 5 अरब का हो चुका है नुकसान

कोरबा। बालको प्रबंधन ने 2 साल के अंदर राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपए का राजस्व क्षति पहुंचाया है। यह क्षति बालको ने अपना नुकसान बचाने के लिए किया है। बताया जा रहा है कि बालको द्वारा चोटिया माइंस का टेंडर लेने के बाद कोयले का खनन बंद कर दिया जिसकी वजह से यह क्षति पहुंची है। बालको अपने खदान से कोयला निकालने के बजाए SECL से सस्ते दर पर कोयला खरीद रहा है।दरअसल पोंडी उपरोड़ा ब्लाक के चोटिया में स्थित कोल माइंस वर्ष 2003 से प्रकाश इंडस्ट्रीज के पास था। कंपनी खदान से कोयला उत्खनन करती थी। मार्च 2015 में वेदांता समूह ने ऊंची बोली लगाकर चोटिया कोल माइंस को खरीद लिया था। लेकिन कंपनी चोटिया ब्लॉक से कोयले खनन नहीं कर सकी। जनवरी 2018 में चोटिया से कोयला खनन के लिए पोंडी उपरोड़ा के सलाइगोट गांव में बालको ने चोटिया -2 कैप्टिव कोल माइनिंग के लिए लोक सुनवाई हुई थी। चोटिया खदान की वार्षिक उत्पादन क्षमता 1 मिलियन टन है, 1179 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले 20 साल की लीज अवधि वाले चोटिया कोल ब्लॉक से केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद बालको ने किसी तरह कोल खनन शुरू किया था। लेकिन कोविड -19 के पहले चरण के दौरान 13 अप्रैल 2020 से बालको प्रबंधन ने माइंस से कोल खनन बंद कर दी। माइंस से आज पर्यंत कोल खनन बंद है। इससे शासन को प्रतिवर्ष 250 करोड़ के राजस्व की क्षति पहुंच रही। इस तरह देखें तो पिछले दो वर्ष से कोल खनन बंद कर बालको शासन को 500 करोड़ के राजस्व क्षति पहुंचा चुका।

बालको ने चोटिया कोल माइंस की लीज अधिकतम प्रीमियम बोली लगाकर ली थी। बालको की चोटिया कोल माइंस की सालाना प्रीमियम 3 हजार है।प्रोसेसिंग कास्ट ,माइनिंग रायल्टी, डीएमएफ, सेष आदि की वजह से बालको को तय प्रीमियम दर पर कोल खनन काफी महंगा पड़ रहा था। इस नुकसान से बचने लिए अपने 3 ताप विद्युत संयत्रों 540, 270 एवं 1200 मेगावॉट के सुचारू संचालन के लिए पॉवर सेक्टर (एसईसीएल) से बालको ने कोयला लेना शुरू कर दिया। पॉवर सेक्टर का कोयला काफी सस्ता रहता है, लिहाजा बालको की इस जरूरत को एसईसीएल आसानी से पूरा कर रहा है। जानकारी अनुसार फ्यूल सप्लाई एग्रीमेंट होने की वजह से पॉवर सेक्टर से कोयला लेने में बालको को कोई परेशानी भी नहीं हो रही है। पिछले दो साल से चोटिया कोल माइंस से कोयला खनन नहीं करने की वजह से शासन को हो रही राजस्व क्षति को देखते हुए खनिज विभाग ने बालको पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। खनिज विभाग बालको को कोल खनन शुरू करने कई मर्तबा नोटिस जारी किया। इन सबके बाद भी बालको अपनी नुकसान को देखते हुए चोटिया कोल माइंस से कोल खनन शुरू करने तैयार नहीं है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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