जिस पेट्रोल पंप का लाइसेंस सात साल पहले निरस्त वह बेखौफ चल रहा, संदेह के दायरे में फूड विभाग के अधिकारी, कलेक्टर से हुई शिकायत

बिलासपुर। शहर के एक पेट्रोल पंप के संचालन को लेकर फूड विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत की गई है। शिकायत में कहा गया है कि जिस पेट्रोल पंप का लाइसेंस सात साल पहले निरस्त कर दिया गया था वह बेखौफ चल रहा है। इसके संचालन को लेकर फ़ूड विभाग के दो अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है।

मो तारिक ने फ़ूड विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कलेक्टर से गंभीर शिकायत की है। शिकायत के अनुसार मेसर्स वलराज सर्विस सेंटर पेट्रोल पम्प लिंक रोड का लाइसेंस तत्कालीन खाद्य नियंत्रक द्वारा भूमि ( लीज ) सम्बन्धी वेध दस्तावेज नहीं होने के कारण कलेक्टर के अनुमोदन पर 8 जुलाई 2015 को निरस्त कर दिया गया था। अधिकृत तौर पर लायसेंस निरस्त होने के बाद भी पेट्रोल पम्प संचालित करना अवैध और गैर कानूनी है। इस मामले में भूमि स्वामी श्रीमती इ कस्तुरी राव ने भी 17 अप्रैल 2015 को जमीन की लीज नवीनीकरण नहीं होने पर भी पम्प संचालक द्वारा जमीन वापस नहीं करने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा था। जिसमें कलेक्टर ने 8.07.2015 लायसेंस निरस्त कर दिया। खाद्य विभाग ने भी RTI के तहत यह जानकारी उपलब्ध करायी है की वलराज सर्विस सेंटर पेट्रोल पंप लिंक रोड बिलासपुर का लीज खत्म हाने अथवा भूमि सम्बन्धी वैध दस्तावेज नहीं होने पर कलेक्टर के अनुमोदन पर खाद्यनियंत्रक द्वारा 08.07.2022 के तहत निरस्त कर दिया गया था। यदि कलेक्टर द्वारा निरस्त आदेश को पलट कर बहाल किया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि अभी जिस ब्यापारी के द्वारा पंप संचालित किया जा रहा है कि उसने भी स्वीकार किया है कि मनचाहा प्रतिवेदन बनाने के लिए उसने स्वयं अधिकारियों को 6.50 / छः लाख पचास हजार रू बतौर रिश्वत देकर बनवाया है वर्ना यह पंप तो कब का बंद हो चुका होता। ब्यापारी का यह भी कहना है की अब तुम खाद्य विभाग में जो भी शिकायत करोगे तो वहां तुम्हारी कोई भी सुनवाई नहीं होगी। मेरे दोनों Paid अधिकारी तुम्हारी कोई भी शिकायत को संज्ञान में नहीं आने देंगे। ऐसा हो भी रहा है क्योंकि मेरे किसी भी आर.टी.आई का जवाब ये लोग नहीं दे रहे हैं। मैने जो शिकायत की थी उसमें मैने पूरे 234 पेज के दस्तावेज लगाये थे। लेकिन अधिकारियों ने केवल उन्हीं दस्तावेज को लिया जो वर्तमान में पंप संचालक के द्वारा दिया गया है, अपने फेवर के है और वह भी आधा अधुरी जानकारी के साथ। दस्तावेजों में मैने सन् 2020, 2021 में होने वाले अनियमितता का पूरा ब्योरा दिया था। परन्तु भ्रष्ट अधिकारियों ने उनका कहीं भी अवलोकन नहीं किया। कलेक्टर को सौंपे शिकायत में शिकायतकर्ता ने कहा है कि मैं मुख्य रूप से निम्नलिखित बिन्दुओं पर दुबारा जांच करवाना चाहता हूँ।

1 जब कलेक्टर के द्वारा दिनांक 08.07.2015 को Lisence नं . 15B – 94 सिक लिज़ नहीं होने के कारण निरस्त किया गया है। तो यह पम्प 07 सालों से कैसे संचालित हो रही है।

2 . उक्त पैट्रोल पंप का ( DSR ) ( Daily Sales Record ) सन् 2020 तथा 2021 को अवलोकन क्यों नहीं किया गाया ।

3 . सन् 2020 21 का HPCI के Inspection Report की कॉपी क्यों नहीं लगाई गई है ।

4 . 2020-21 की कैश बिल बुक को Cross cheak क्यों नहीं किया गया।

5 . Food License को कितने वर्ष के लिए Renewal किया गया है जिसकी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।

6 . Dispensing Unit से निकलने वाली बिल सन् 2020-21 की जानकारी क्यों नही दी जा रही है। जबकि उसमें फर्जी टीन नंबर मोबाईल नंबर दर्ज है। 7. नगर निगम का नजूल पट्टा 2020 में ही समाप्त हो गया है फिर भी लाईसेंस दिया जा रहा है।

8 . सीसी टीवी फुटेज में पंप के माकि द्वारा मट्टी तेल बेचने का विडियों क्यो नहीं निकाला गया है। जबकी शिकायतकर्ता मोहम्मद तारीख ने अधिकारियों को Date और Time भी बताया है।

अवैध रूप से संचालित पेट्रोल पंप को फ़ूड विभाग के अधिकारियों ने 6.50 लाख की रिशवत लेकर मोहम्मद तारिख द्वारा की गई शिकायत को निराधार बता दिया गया और तो और उक्त पम्प से 15000 / – रू . प्रतिमाह अपने गाड़ियों में डिजल बंधवा लिया है। इसके लिए भ्रष्ठ अधिकारियों ने जांच इस तरीके से की है। जैसे उक्त पेट्रोल पंप का नवीनीकरण का प्रतिवेदन दिया हो। शिकायतकर्ता ने फ़ूड विभाग के ऐसे अधिकारियों को तत्काल निलांबित करने की मांग की है। साथ ही शिकायत पर एक अलग से जांचकमेटी जांच करया जाए ताकी इस फीर्जी पंप संचालक और भ्रष्ट अधिकारियों की पोल सर्वजनिक हो सके। यह भी निवेदन है कि जब भी कोई जांच अधिकारी यहां पर जांच के लिए जाए तो वह मुझे भी अपने साथ लेकर जाये ताकि मैं अपनी संतुष्टि अनुसार स्वयं अपने सामने जांच प्रतिवेदन को तैयार होते देख सकूं। इस पूरे मामले को लेकर प्रभारी फ़ूड कंट्रोलर राजेश शर्मा का कहना है कि शिकायत पूरी तरह से फर्जी है। तीन बार जांच कराई जा चुकी है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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