कसडोल। खनिज विभाग का एक सुपरवाइजर और एक फॉरेस्ट गार्ड अपने दो अन्य साथियों के साथ शिकार करने जंगल गए थे। लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता से चारो शिकार करने के पहले ही पकड़ा गए। आरोपियों से पुलिस ने पॉइंट टू तू का एक गन, 21 जिंदा कारतूस, केत्ता, चाकू, टेलिस्कोप जब्त किया गया है।

यह मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र का है जहां लवन रेंज के सोनाखान राजा देवरी वन क्षेत्र में अवैध तरीके से वन्य जीवों के शिकार की सूचना कई दिनों से मिल रही थी। यहां हिरणों की बहुतायत है और अक्सर लोग इसका शिकार करने आते हैं। कल रात यहां के लवन रेंज के पिपरछेड़ी गांव में कुछ लोग सफेद रंग की अर्टिगा कार क्रमांक सीजी 04 एनएस 1123 में पहुंचे। चूंकि इलाके में काफी समय से जंगली जानवरों के शिकार की शिकायतें मिल रही थीं, इसलिए ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर कार को रोक लिया और पूछताछ शुरू कर दी। कार सवार चारों लोगों ने रायपुर से आना बताया और गोल-मोल जवाब दिया। शंका होने पर कार की तलाशी ली गई तब उसमें एक रायफल, जिंदा कारतूस, चाकू, टंगिया आदि रखे हुए मिले। ग्रामीणों ने रात के वक्त ही कार सवारों को वन अमले के हवाले कर दिया। वन विभाग ने इन सभी से पूछताछ की। इनमे से एक शाहिद नकवी, बैरन बाजार रायपुर का निवासी निकला जो माइनिंग विभाग रायपुर में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत है, वहीं व्यापार विहार रायपुर निवासी वसीम खान धरसींवा वन क्षेत्र में वन रक्षक है, तीसरा शख्स नवाज खान ग्राम जेबा अभनपुर में मजदूरी का काम करता है, वहीं चौथा आरोपी आनंद श्रीवास्तव पेंशन बाड़ा निवासी है और पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार का काम करता है। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के पास हथियार तो मिले मगर वे जंगल की बजाय गांव में पकड़ में आये, इसलिए इनके खिलाफ सीधे वन्य प्राणी के शिकार का मामला नहीं बनता, यही वजह है कि आरोपियों को कसडोल पुलिस के हवाले कर दिया गया। SDO पुलिस सुभाष दास ने बताया कि आरोपियों के पास से एक टेलीस्कोप लगा हुआ पॉइंट टू टू का गन, 21 जिन्दा कारतूस, धार हथियार चमड़े छीलने का, 2 नग तेज धारदार चाकू, बकरा काटने का बड़ा कत्ता जब्त किए गए। पॉइंट टू टू का गन जो हामिद खान से जब्त हुआ जिसका उसने रायपुर जिला का लाइसेंस पेश किया, मगर गन का प्रयोग रायपुर में ना कर बिना अनुमति एवं बिना आदेश के संरक्षित वन में घूमते पाए गए।

आर्म्स एक्ट और संरक्षित वन अधिनियम के तहत कार्रवाई
आरोपियों के संदिग्ध हालात एवं जब्त किए हथियार अवैध शिकार से संबंधित परिलक्षित होना पाए जाने से आरोपियों के खिलाफ धारा 25- 27 आर्म्स एक्ट एवं वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 51 के तहत कार्यवाही की गई। संपूर्ण प्रकरण में बलौदा बाजार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक झा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पितांबर पटेल, अनुभाग अधिकारी पुलिस बलोदा बाजार सुभाष दास के निर्देशन में थाना प्रभारी आशीष सिंह राजपूत के द्वारा कार्यवाही की गई और आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर के भेज दिया गया है।
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