बिलासपुर। पुलिस की नौकरी लगवाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने करने के मामले ने आरक्षक को एसएसपी ने बर्खास्त कर दिया है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर विभाग में एएसआई के पोस्ट का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया था। फिलहाल मामले में सभी आरोपी जेल में है।
मिली जानकारी के अनुसार 15 जून को कार्यालयीन अवधि में प्रातः 11 बजे पीयूष प्रजापति नामक युवक सहायक उप निरीक्षक (अ) के पद पर नियुक्ति का आदेश लेकर स्थापना शाखा एसपी कार्यालय बिलासपुर में उपस्थित हुआ था। नियुक्ति पत्र 1 जून को जारी किया था। स्थापना शाखा के सब इंस्पेक्टर संतोष वैष्णव ने नियुक्ति पत्र का अवलोकन किया और फर्जी प्रतीत होने पर एसएसपी पारुल माथुर को इसकी जानकारी दी। एसएसपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र को असली के समान इस्तेमाल करने पर आरोपी पीयूष प्रजापति के खिलाफ सिविल लाइन थाना में अपराध दर्ज करवा कर गिरफ्तार करवाया। आरोपी से पूछताछ व प्रकरण की विवेचना में पता चला कि प्रकरण में पार्षद रेणुका प्रसाद नगपुरे,भोजराम नायडू व आरक्षक पंकज कुमार शुक्ला ने 8 लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाया था। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया था। आरोपी आरक्षक पंकज शुक्ला पुलिस लाइन में पदस्थ था। आरोपी पूर्व में लंबे समय तक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में भी पदस्थ रहा था। आरोपी आरक्षक पंकज कुमार शुक्ला का आपराधिक कृत्य पुलिस बल के सदस्य के रूप में विभागीय व्यवस्था एवं नियमों के विपरीत होने के कारण पुलिस विभाग एवं जनहित के कार्यो के लिए उचित न पाते हुए एसएसपी पारुल माथुर ने भारतीय संविधान की कंडिका 311 के खंड (2) के परन्तुक के उपखण्ड ख के अधीन प्रददत शक्तियों के आधार पर आदेश पारित कर आरक्षक क्रमांक 5 पंकज शुक्ला रक्षित केंद्र को सेवा से पदच्युत कर सेवाएं समाप्त की गई है।
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