ट्रेन की चपेट में आकर मादा तेंदुआ की मौत, मामला एक्सीडेंट का या कुछ और ? कहीं शिकारी तो सक्रिय नहीं ?

बिलासपुर। खोंगसरा के समीप रेलवे ट्रेक पर एक मादा तेंदुआ की दो टुकड़ों में शव मिला है। अधिकारी इसे दुर्घटना मान रहे है। लेकिन तेंदुआ जैसा फुर्तीला वन्य प्राणी ट्रेन की चपेट में आ जाएगा इसको लेकर संदेह है। जिस हिसाब से शव मिला है उससे स्पष्ट है की उसे कोई मारकर पटरी पार लिटाया होगा और उसके ऊपर से ट्रेन गुजरी होगी और पूरा शरीर दो टुकड़ों में कट गया होगा।

कटनी रेल मार्ग में खोंगसरा के समीप शुक्रवार की रात ट्रेन से कटकर एक मादा तेंदुआ की मौत हो गई है। घटना वन विकास निगम के टुलुप वन बीट में हुई है। ट्रेन की चपेट में आकर मादा तेंदुआ का शरीर दो हिस्सों में बंट गया है। घटनास्थल के समीप से ही अचानकमार टाइगर रिजर्व का बफर जोन शुरू हो जाता है। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया है और बिलासपुर से गए तीन डॉक्टरों की टीम ने तेंदुआ का पोस्टमार्टम किया है।
वन अधिकारी ने हादसे को दुर्घटना मानते हुए किसी भी किस्म के शिकार की संभावना से इनकार किया है। लेकिन तेंदुए का शव जिस तरीके से दो टुकड़ों में मिला है जिससे कई संदेहों को जन्म दे रहा है। पहला यह की तेंदुआ फुर्तीला वन्यप्राणी है और ट्रेन की आवाज सुनकर वह तेजी से भागता और उसकी जान बच जाती। यदि वह जंप करता तो ट्रेन से टकराकर दूर तक छिटक जाता और घायल होने के बाद उसकी मौत होती, शरीर के दो टुकड़े नहीं होते। रोशनी की कमी रही होगी यह भी नहीं कहा जा सकता क्योंकि ट्रेन के इंजन में जो हेड लाइट होती है वह लगभग एक किलोमीटर तक रोशनी देता है। शव देखने से स्पष्ट हो रहा है की या तो उसे पाइजन दिया गया होगा या फिर उसे मारकर पटरी के बीच में लिटाया गया होगा और ट्रेन ऊपर से निकल गई। जिससे उसके दो टुकड़े हो गए। हालांकि अधिकारी इस मामले की जांच में जुट गई है और डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम कर लिया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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