बिलासपुर। डिप्टी कलेक्टर तहसीलदार नारायण गवेल के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो मे एफआईआर दर्ज कर लिया । वर्तमान में बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम में प्रभारी एसडीएम है। प्राथमिक जांच में उसने अपने अलावा साले_सालियों के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खरीदा है। खमतराई में एक शानदार बंगले के अलावा 3 कार और एक करोड़ रुपए से अधिक राशि FD, म्यूचुअल फंड में भी इनवेवस्ट किया है। इस FIR के बाद एक भूमाफिया का भी होंस गायब हो गया है। क्योंकि गबेल उसके साथ साझेदार के रूप में काम कर रहा था और करोड़ों की बेनामी संपत्ति क्रय की गई है।
एसीबी के डीएसपी सपन चौधरी ने जो FIR दर्ज किया है उसके अनुसार नारायण प्रसाद गवेल ने अपने पदस्थापना के दौरान आय से ज्ञात एवं वैध स्त्रोतों से प्राप्त आय की तुलना में कई गुना अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। इसी के आधार पर नारायण गर्बल के विरूद्ध धारा 13(1)बी, 13(2) पीसी एक्ट 1988 संशोधित 2015 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। प्राथमिक जांच के अनुसार नारायण प्रसाद गवेल ने ग्राम गिधौरी तह करतला जिला कोरबा में खं.नं. 582 / 3 रकबा 0.275 हे., मौजा गिधौरी तह करतला जिला कोरबा में खं नं 90 / 4 रकबा 0.239 हे., मौजा गिधौरी तह. करतला जिला कोरबा में खं नं 252 / 3 रकबा 0.773 हे, मौजा गिधौरी तह करतला जिला कोरबा में खं. नं 1290 / 2, रकबा 0.219 हे., मौजा गिधौरी तह करतला जिला कोरबा में खं.नं 1313 / 2. रकबा 0.040 हे. को कय किया गया है।भूखण्डों के कय किये जाने के संबंध में पतासाजी करने पर ज्ञात हुआ कि गबेल ने 25.00 लाख रुपए से अधिक खर्च किए है। इसी प्रकार ग्राम खमतरई के सरिता विहार बिलासपुर के ख.नं. 287 / 26. रकबा 0.010 हे. को कय कर काफी आलीशान मकान बनाया है जिसपर 80.00 लाख रूपये खर्च किए है।
इसके अतिरिक्त तहसीलदार नारायण प्रसाद गर्बल के पास एक चार पहिया वाहन हुंडई सेन्ट्रो सीजी 10 एआर 6510 को लगभग 6.00 लाख रूपये में कय किया गया है। इसके अतिरिक्त दो चार पहिया वाहन जिनमें मारूति बलिनो कमांक सीजी 10 एएल 3714 तथा मारूति वेगन आर सीजी 10 एएफ 3910 को भी अपने साले ओमकार गेहवई के नाम से लगभग 15.00 लाख रूपये में कय किया है। तहसीलदार नारायण प्रसाद गबेल के द्वारा एक दोपहिया वाहन लगभग 60,000/- रू. खर्च कर कय किया गया है। तहसीलदार नारायण प्रसाद गबेल के संबंध में यह भी जानकारी मिली है कि नगद राशि, स्वर्ण / रजत आभूषण, बैंक, बीमा सावधि एवं शेयर / म्युचुअल फंड में लगभग 70 00 लाख रूपयं निवेश किया गया है।
इसके अतिरिक्त अपने साले ओंकार गहवई के अलावा अन्य परिजनों व मित्रों के नाम से अनेक अचल सम्पत्ति (भूमि प्लाट / मकान) भी कय किये है। जिसकी संभावित कीमत लगभग 1.00 करोड़ रूपये से ज्यादा है। नारायण प्रसाद गवेल के संबंध में विस्तृत जांच विवेचना से अन्य और भी सम्पत्तियों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो सकती है।
नारायण प्रसाद गर्बल की वर्तमान सेवा अवधि में प्राप्त कुल मासिक वेतन के अनुपात में खर्च, निवेश किये जाने की राशि ज्यादा है जो कि प्रथम दृष्टया आय के ज्ञात से वैध स्त्रोतों की तुलना में अत्यधिक असमानुपातिक है। यह कृत्य धारा 13 (1) बी, 13 (2) पीसी एक्ट 1988 संशोधित 2018 के तहत् दण्डनीय अपराध होने से नारायण प्रसाद गवेल के आय-व्यय होने के संबंध में समुचित एवं पर्याप्त साक्ष्य संकलित करने के लिए यह अपराध पंजीबद्ध किया गया है। विदेशी क़ीमती गाड़ियों में चलने वाले एक भूमाफिया के नाम पर भी नारायण गवेल की बेनामी संप्प्त्ति बतायी जा रही है। इस FIR के बाद उसके भी होंश उड़े हुए हैं।
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