शहर में भारी बारिश, निचले मोहल्लों से पानी निकालने और राहत कार्य में जुटा निगम, पहुंचाया गया फूड पैकेट, अस्थायी शिविर भी बनाए गए

बिलासपुर- पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते जन जीवन अस्त व्यस्त हो चुका है,शहर के निचले क्षेत्रों में जल भराव को देखते हुए नगर निगम द्वारा जल निकासी एवं राहत कार्य पिछले पांच दिनों से जारी है। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार के मार्गदर्शन में निगम की पूरी टीम जल प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने का काम रही है। महापौर रामशरण यादव और निगम कमिश्नर अजय त्रिपाठी भी खुद जलमग्न और प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को राहत प्रदान करने में जुटे हुए है।

शहर के मंगला क्षेत्र में सर्वमंगला काॅलोनी में बारिश का पानी भर गया था,जिसे निकालने के लिए निगम द्वारा लाइनिंग बनाकर रास्ता तैयार किया जा रहा है साथ ही मोटर पंप और जेटिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है,सर्वमंगला काॅलोनी चूंकि काफी निचले एरिया में स्थित है,जहां पानी निकासी की व्यवस्था नहीं हैं,अभिषेक विहार और गंगा नगर में भी जल निकासी के लिए कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार गोकने नाला का पानी ओवरफ्लो होने के कारण नाला के आस-पास के वार्ड क्रमांक 2 और 3 में सागर होम्स,वैष्णवी विहार,साँई नगर,एबी कैसल में पानी भरने की समस्या है,जिसे निकालने के लिए निगम की टीम जुटीं हुई है। गोकुल धाम में एक जगह की दीवार को गिराकर पानी को निकाला गया है।
निगम प्रशासन द्वारा राहत पहुंचाते हुए प्रभावित परिवारों तक लगातार फूड पैकेट दिए पहुंचाएं जा रहे हैं ।आपातकालीन परिस्थिति के लिए इस क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 3 और 4 में घुरू स्थित पीएचसी,सामुदायिक भवन,सतनाम नगर के सामुदायिक भवन और अमेरी में सामुदायिक भवन को तैयार किया गया है जहां आवश्यकता पड़ने पर शिफ्टिंग की जाएगी।
वहीं जोन क्रमांक 7 के बिजौर क्षेत्र में खेतों का पानी मोहल्लों में घूसने के कारण जलभराव हो गया था,जिसे मोटर पंप और जेटिंग मशीन के ज़रिए निकाला जा रहा है। यहां भी प्रभावितों तक फूड पैकेट पहुंचाएं गए है और राहत शिविर के लिए स्कूल को तैयार किया गया है। इसी तरह जोन क्रमांक 2 क्षेत्र में भारी बारिश एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए ऐसे स्थान जहां लोग जलभराव के बीच में फंस गए हैं उन्हें सुरक्षित ढंग से जलभराव वाले स्थान से शासकीय सामुदायिक भवन एवं स्कूलों में ठहराया गया है साथ ही ठहराये गए स्थानों में स्वच्छ भोजन पानी की व्यवस्था की गई है। जन जागरूकता के दृष्टिगत जल जनित बीमारी से बचाव एवं बाढ़ से बचाव हेतु लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कार्य कराया जा रहा है नगर निगम द्वारा अंकित केंद्रों में नगर निगम के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गयी है जोकि जलभराव वाले क्षेत्र से लाए गए लोगों की सुविधा हेतु रहेंगे जोन क्षेत्र अंतर्गत बहने वाली गोकने नाला में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम के सहयोग से देवार पारा वार्ड क्रमांक 10 में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर लाया गया। निगम द्वारा कुंदरापारा सामुदायिक भवन में 3 ज़ोन कार्यालय में 30 जनपद प्राथमिक शाला सिरगिट्टी में 68,मन्नाडोल प्राथमिक शाला में 18, यदुनंदननगर सामुदायिक भवन में लोगों को ठहराया गया है।

भारी बारिश में अरपा भैंसाझार से पानी छोड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा नदी किनारे रहने वाले लोगों को आपातकालीन परिस्थिति में सुरक्षित स्थान में शिफ्टिंग के लिए भी प्रशासन द्वारा सामुदायिक,शासकीय तथा निजी भवनों को चिन्हित किया गया है,जिसके अलग से नोडल आफिसर भी बनाएं गए है। साथ ही मुनादी का भी कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

शहर समेत पूरे संभाग में तेज बारिश हो रही है,जिससे पांच दिनों से निगम की टीम शहर के अलग-अलग क्षेत्र पुराना बस स्टैंड,जरहाभाटा,तैयबा चौक,बंधवापारा,जोरापारा और चांटीडीह जैसे जगहों पर नाला सफाई समेत जल निकासी के तमाम उपाय करने में जुटी हुई है। पानी निकासी के लिए मोटर पंप और जेटिंग मशीन का भी उपयोग किया जा रहा है। बारिश को देखते हुए आगे जल भराव की स्थिति ना हो इसके लिए निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए और पूरे सीजन में अलर्ट रहने के को कहा गया है।

नियंत्रण कक्ष, 24 घंटे रहेंगे अधिकारी, कर्मचारी नगर निगम द्वारा बाढ़ नियंत्रण कक्ष विकास भवन में स्थापित किया गया है। बरसात में शहर में जल निकासी की समस्या तथा अरपा नदी में संभावित जल स्तर के बढ़ने से उत्पन्न होने वाली समस्या से निपटने के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।
जिसमें 24 घंटे सेवा देने तीन पालियों में अधिकारी,इंजीनियर एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। आपात स्थिति के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर07752 471224 जारी किया गया है, इसके अलावा इसके नोडल अधिकारी अधीक्षण अभियंता नीलोत्पल तिवारी मो.9131548670 तथा सहायक नोडल अधिकारी क्रांतिकुमार मो.8319993167, अनुपम तिवारी मो.9993596615 नियुक्त किए गए है। इसके अलावा आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से रखने के लिए सामुदायिक, शासकीय तथा निजी भवनों को चिन्हित किया गया है,जिसके अलग से नोडल आफिसर भी बनाएं गए है। इसके अलावा सभी जोन कमिश्नरों को अपने जोन क्षेत्र में गड्ढा होने पर तत्काल मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए गए है। जर्जर भवनों को चिन्हांकित कर कार्यवाही के लिए भी इंजीनियरों को दायित्व सौंपे गए है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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