बिलासपुर। कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुलने के बाद से स्कूलों में शिक्षक एवं बच्चों की समय पर और नियमित उपस्थिति की समस्या शिक्षा विभाग के लिए एक चुनौती के रूप में उभरकर सामने आई है। शिक्षक और बच्चों की समय पर और नियमित उपस्थिति ना हो पाने से राज्य की शिक्षा गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, इसीलिए शिक्षा विभाग द्वारा राज्य, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों को स्कूलों के सतत निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। किन्तु सभी स्कूलों तक मानिटरिंग अमले की नियमित पहुंच ना हो पाने के कारण अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए मुंगेली के जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडेय ने मुंगेली जिले में टीचर्स सपोर्ट एंड मैनेजमेंट सिस्टम (टीएसएमएस) एप के माध्यम से एक नवाचार किया जा रहा है।
इस एप के माध्यम से शिक्षकों के आने-जाने के समय और रोजाना की उपस्थिति के साथ ही अवकाश, ड्यूटी व अन्य समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। सामान्यतः यह देखने को मिलता है कि शिक्षकों व कर्मचारियों को सेवा से संबंधित तमाम तरह की समस्याओं का निराकरण नहीं होने के कारण वे कार्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं। जिससे शिक्षकों का समय और स्कूलों का अध्यापन कार्य प्रभावित होता है। लेखा संधारित नहीं होने के कारण अवकाश लेने में भी समस्या होती है। साथ ही समय पर कार्यालय, स्कूल नहीं पहुंचने की शिकायत आम हो चली है। स्कूलों के निरीक्षण की रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि 25 फीसदी स्कूलों में निरीक्षण के दौरान ज्यादातर शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। उक्त सारी समस्याओं के निराकरण की दिशा में टीएसएमएस एप एक कारगर पहल के रूप में सामने आया है। शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी किसी भी तरह के अवकाश हेतु आवेदन एप पर अपलोड कर सकते हैं। अनुमोदन भी ऑनलाइन होता है। कर्मचारी व शिक्षक को अपनी किसी भी समस्या के लिए ऑफिस का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। अपनी समस्या की एंट्री एप में करते ही सात दिन के अंदर एप में इसका समाधान कर संबंधित को सूचना मिली जाती है। यदि समस्या नियमानुसार समाधानकारक नहीं हो तो समुचित कारण सहित संबंधित को एप में ही सूचना मिल जाती है।एण्ड्राइड मोबाइल पर काम करने वाले इस एप के प्रयोग से कम समय में ही अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। स्कूलों में कर्मचारी, शिक्षक की समय पर और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो रही है, साथ ही अधिकारी और ब्लॉक कार्यालय के कर्मचारियों की उपस्थिति भी समय पर हो रही है जिससे पुरे विभाग में काम का बेहतर माहौल बन रहा है। गौरतलब है कि इस व्यवस्था को लेकर कुछ शिक्षकों ने नाराजगी जताई थी और जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला था।
ऑनलाइन अवकाश अनुमोदित
किसी भी शिक्षक व कर्मचारी को अवकाश के लिए उच्च कार्यालय नहीं आना पड़ रहा। एप में आकस्मिक अवकाश, ऑप्शनल अवकाश आवेदन करने पर ऑनलाइन ही अवकाश अप्रूव हो जाता है। सीएल, ओएल की गणना एप में स्वतः होती रहेगी। जिससे कोई भी अधिक अवकाश नहीं ले सकेगा। मेडिकल, अर्जित, चाइल्ड केयर अवकाश आवेदन करते ही तीन दिन के अंदर अवकाश स्वीकृत कर सूचित किया जाता है।
स्कूल कार्यालय की निश्चित लोकेशन पर ही होती उपस्थिति
प्रतिदिन शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के आने-जाने के समय के साथ ही उनकी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज हो रही है। उपस्थिति दर्ज करने के लिए कार्यालय/स्कूल में एक क्यूआर कोड होता है। जिसे स्कैन करने पर उपस्थिति दर्ज हो जाती है। क्यूआर कार्यालय / स्कूल से 100 मीटर की दूरी तक ही काम करता है, इसलिए इसको अन्यत्र ले जाकर स्कैन नहीं कर सकते। उपस्थिति खुद के रजिस्टर्ड एंड्रायड से ही होगी। इससे कोई भी ड्यूटी के नाम से शिकायत नहीं कर पाएगा।
अच्छे परिणाम मिल रहे- इस एप के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रशासनिक कसावट तो आई है। बल्कि छोटे-छोटे काम के लिए दफ्तर आने-जाने में होने वाली दिक्कतें भी कम हुई हैं।
सतीश पांडेय
जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली
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