ATR पहुंचे पर्यटक भटकते रहे और पूरा अमला तितली ढूंढती रही, पर्यटकों को सफारी के लिए जिप्सी तक नहीं मिल पाई

करगीरोड (कोटा)। ATR में ऊपर से लेकर नीचे तक अधिकारी तितली खोजते रहे और पर्यटक भटकते रहे। सफारी करने पहुंचे पर्यटकों को तीन दिन तक सफारी करने के लिए न तो जिप्सी मिली और न ही रहने खाने की व्यवस्था हो सकी। लिहाजा पर्यटक अमरकंटक की ओर बढ़ लिए। पर्यटकों का कहना था तितली मिट करना हो था तो इसकी सूचना सभी चेक पोस्ट में उपलब्ध करानी थी।
कल अचानकमार टाईगर रिजर्व की सफारी करने डोंगरगढ़ से कुछ पर्यटक यहां आए थे। उन्हें पता नही था कि टाईगर रिजर्व में इन दिनों तितली खोजने का काम चल रहा है और सारी जिप्सी उसी में व्यस्त है। पर्यटकों को शिवतराई चेक पोस्ट में कोई सहीं जानकारी नहीं दी गई। यहां मौजूद स्टॉफ ने काफी देर तक उन्हें चेक पोस्ट पर ही खड़े रखा क्योंकि सहीं जानकारी देने वाला यहां कोई था ही नही।
घंटो खड़ा कराने के बाद उन्हें ये कह कर अंदर भेज दिया गया कि अंदर चले जाईए वहां से जिप्सी मिल जाएगी। पर्यटकों का दल अंदर गए लेकिन वहां उन्हें पता चला कि कोई जिप्सी खाली नहीं है क्योंकि सभी तितली मीट में लगी हुई है। इसके बाद पर्यटक अमरकंटक घुमने निकल गए।
एक पर्यटक ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि – हम तो अचानकमार टाईगर रिजर्व घुमने आए थे। शिवतराई चेक पोस्ट से हमें अंदर भेज दिया गया कि वहां से जिप्सी मिल जाएगी, लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि सफारी बंद है और सभी जिप्सी तितली मीट में लगी हुई है। हम यहां से वापस जाने वाले थे तो भी काफी दिक्कत हुई कोई वापस भी जाने नहीं दे रहा था फिर हम मजबूरी में अमरकंटक निकल गए।
इस संबंध में जब democrecu.in के स्थानीय प्रतिनिधि ने अचानकमार के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा से जानकारी ली तो उनका कहना था कि– ये मामला उन्हें नहीं पता है। तीन दिन से सारी जिप्सी तितली मीट में लगी हुई थी इसलिए सफारी बंद थी। अब कैसे शिवतराई वालों ने उन्हें अंदर भेज दिया ये पता करना होगा।
अब यदि अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ऐसे कारनामें करेगा तो निश्चित ही बहुत जल्द ही इसका बंटाधार अधिकारी करवा देंगे।
यदि तितली मीट ही करना था और इसके कारण सफारी बंद रखनी थी तो प्रबंधन को पहले ही इसकी जानकारी लोगों को देनी चाहिए ताकि दूर से आने वाले पर्यटकों को असुविधा न हो।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में कोई पीआरओ भी नहीं है जो इन सबकी जानकारी लोगों को दे सके। अब पता नहीं एटीआर में तीन दिन में खोजी दलों ने कितने प्रकार की तितली खोज डाली और क्या पता आने वाले समय में टाईगर रिजर्व में यहां का प्रबंधन पर्यटकों को तितली की दिखाने लगे ।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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