महिला रेलकर्मी से छेड़छाड़, जुर्म दर्ज, आदतन बदमाश है आरोपी, पूर्व में दर्ज हैं, छेड़छाड़ के 4 मामलें

बिलासपुर। न्यायधानी में महिला रेलकर्मी से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। जिसमे आदतन बदमाश ने रेलवे में पदस्थ 42 वर्षीय महिला से छेड़छाड़ कर दी। पुलिस में की गई शिकायत के अनुसार आरोपी पिछले 6 माह से उससे छेड़छाड़ करता आ रहा है। परेशान होकर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ के पूर्व में भी चार मामलें दर्ज है। महिला थाना में भी उसके खिलाफ शांति भंग की कार्यवाही कर चुकी है। घटना सरकंडा थाना क्षेत्र की है।
मिली जानकारी के अनुसार सरकंडा थाना क्षेत्र में रहने वाली 42 वर्षीय महिला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में पदस्थ है। महिला के द्वारा सरकंडा थाना में की गई शिकायत के अनुसार तारबाहर थाना क्षेत्र के सीएमडी कॉलेज के पास सुमंगल अपार्टमेंट के फेस-2 मकान नंबर ई 401 में रहने वाला 44 वर्षीय स्वाधीन नाग चौधरी उससे जान पहचान का फायदा उठा कर उसका पीछा कर छेड़छाड़ करता है तथा मना करने पर गाली गलौच करता है। महिला ने बताया कि वह स्वाधीन नाग चौधरी को पिछले दस से बारह वर्षों से जानती है। पर पिछले 5 से 6 महीनों से उसकी नियत महिला रेलकर्मी के लिए बिगड़ गई। वह रेलवे के दफ्तर जाकर विगत 6 माह से महिला के साथ अभद्र व्यवहार करता है। स्वाधीन महिला कर्मी का ऑफिस स्टैंड में मिलने पर हाथ पकड़ कर खिंच देता है और गलत इशारा कर उसे छूने लगता है।
00 ब्रेजा कार में करता है पीछा
महिला रेलकर्मी जब परेशान होकर ऑफिस स्टैंड से गाड़ी निकाल कर जाती है तो उसकी गाड़ी की चाबी निकाल लेता है और गाली गलौच करता है। महिला रेलकर्मी ऑफिस व घर के अलावा जहां कही भी जाता है तो स्वाधीन वहां भी अपने ब्रेजा कार क्रमांक cg 10 ap 8950 में उसका पीछा करता है और किसी न किसी बहाने से उसे छूने की कोशिश करता है और जब महिला कर्मी विरोध करती है तो उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता है। जिससे महिला रेलकर्मी के साथ ही उनका पूरा का पूरा परिवार भी डरा हुआ है। महिला रेलकर्मी व उसका परिवार बदमाश स्वाधीन के कृत्य से इतना डरा हुआ है कि उन्होंने पुलिस से गुहार लगाते हुए बताया कि यदि शिकायतकर्ता या उसके परिवार के साथ कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जवाबदारी स्वाधीन की होगी। पीड़िता ने आरोपी स्वाधीन पर जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर अपराध दर्ज लिया है।
00 छेड़छाड़ के है चार मामलें दर्ज
मिली जानकारी के अनुसार 44 वर्षीय आरोपी पुराना आदतन बदमाश व्यक्ति है। उसके खिलाफ तारबाहर थाने में वर्षो पहले सन 2003 को धोखाधडी का अपराध दर्ज ( अपराध क्रमांक 277/03, धारा 420,34) दर्ज हुआ था। जिसमे पुलिस ने उसकी फरारी में चालान पेश किया था। बाद में उसे अदालत से अग्रिम जमानत मिल गयी थी। महिला थाना में भी उसके खिलाफ शांति भंग की कार्यवाही की गई है। स्वाधीन नाग चौधरी एक अन्य महिला बैंक कर्मी को भी पिछले चार सालों से परेशान कर रहा है। उसकी छेड़छाड़ से परेशान होकर महिला बैंक कर्मी ने उसके खिलाफ 4 वर्षो मे लगातार चार बार एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी अक्सर बैंक का कस्टमर न होने के बावजूद किसी न किसी बहाने से बैंक जाकर महिला कर्मी को परेशान किया करता था और बैंक से घर आने जाने के दौरान भी पीछा कर परेशान किया करता था। महिला बैंक कर्मी की शिकायत पर पहली बार आरोपी के खिलाफ 2019 में छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज हुई थी। पर आरोपी अदालत से अग्रिम जमानत लेने में सफल रहा। दूसरी बार एफआईआर 2020 में हुई। जिसमें आरोपी 6 माह तक फरार रहा था, हाई कोर्ट से भी जमानत निरस्त होने के बाद कोरोनाकाल मे उसे कोरोना का फायदा उठा जमानत मिल गयी थी।
तीसरी बार आरोपी स्वाधीन नाग चौधरी फरवरी 2022 में महिला का पीछा करते हुए उसे राजीव गांधी चौक में रास्ता रोक कर छेड़ रहा था। महिला के शोर मचाने पर राह चलती भीड़ व आस पास की पब्लिक ने उसकी जमकर पिटाई करते हुए उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। धोखाधड़ी समेत तीन मामलें दर्ज होने के बाद यह चौथा मामला था, जिसमे पब्लिक द्वारा पकड़ कर पुलिस को सौप दिए जाने के चलते उसकी गिरफ्तारी हो पाई थी। अन्यथा हर मामलें में वह फरार होकर किसी न किसी तरह जमानत लेने में सफल हो जाता था। हालांकि इस बार भी गिरफ़्तारी के बाद फर्जी कोरोना सर्टिफिकेट के आधार पर उसने जमानत लेने का प्रयास किया था।
00 बनवाया फर्जी कोरोना रिपोर्ट
तीसरी बार हुई एफआईआर के बाद जब सिविल लाइन पुलिस ने उसे अदालत के आदेश से जेल दाखिल करने से पूर्व तिलक नगर स्थित कोरोना परीक्षण केंद्र में ले जाकर उसका टेस्ट करवाया तब वहां के कर्मियों ने कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट दे दी थी। जिसके चलते उसका जेल दाखिला करवाया जाना संभव नही हो पाता। पुलिस के उच्चाधिकारियों को जानकारी लगने पर उन्होंने स्वाधीन नाग चौधरी का सिम्स के कोरोना जांच केंद्र में भेजकर कोरोना टेस्ट करवाया। जिसमे नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद उसे जेल दाखिल किया जा सका। इसमें आशंका व्यक्त की जा रही थी कि स्वाधीन ने पूर्व में स्वास्थ्य कर्मियों से मिलीभगत कर कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट बनवा ली थी। जिसका सिम्स में हुए जांच में खुलासा हो गया। जेल से छूटने के बाद आरोपी फिर से महिला कर्मी का पीछा कर परेशान करने लगा। जिस पर महिला ने फिर से थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पर बार बार एफआईआर होने के चलते पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। इस पर महिला ने आरोपी की करतूतों को सामने लाने व पीछा करने का सबूत देने के लिए रास्ते मे लगी दुकानों सीसीटीवी निकलवाया और पुलिस से संपर्क कर अपराध दर्ज करवाया। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी स्वाधीन नाग आदतन शिकायती व्यक्ति है और लोगो के खिलाफ झूठी शिकायतें करता रहता है और फर्जी पत्रकार बन थानों में व पुलिस कर्मियों से संपर्क कर अपने पत्रकार होने की धौस जमाता रहता है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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