डीपी विप्र लॉ कालेज में राष्ट्रीय सेमीनार, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक अनुसंधान में पुस्तकालयों की भूमिका पर हुई चर्चा, देश भर से शामिल हुए शोधार्थी

बिलासपुर। डीपी विप्र लॉ कालेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में “गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक अनुसंधान में पुस्तकालयों की भूमिका” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के पहले दिन सेमिनार का शुभारंभ शहीद नन्द कुमार पटेल विश्वविद्याल रायगढ़ के कुलपति एलपी पटेरिया के मुख्य आतिथ्य, डीपी विधि कालेज प्रशासन समिति के अध्यक्षक अनुराग शुक्ला के मुख्य आतिथ्य एवं साहित्यकार नंदकिशोर तिवारी, डॉ. ब्रजेश तिवारी एवं डॉ. बबलू सूत्रधर तथा डॉ. बुलु महाराना के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
सेमिनार के प्रथम तकनीकी सत्र में IIT खड़गपुर के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. बबलू सुत्रघर ने “National Digital library of India, its resources and access management” विषय पर अपना ब्याख्यान प्रस्तुत किया। इसमें कई तरह की बाते कही गयी। इसमें यह भी बताया गया की आज के इस युग में नए तरीके से कैसे और किस तरह से डिजिटल लाइब्रेरी बनाया जा सकता है और जीवन में लाइब्रेरी का क्या महत्व है। क्योंकि लाइब्रेरी नहीं होगा तो लोगो को पुस्तक कैसे मिलेगा और पुस्तकों के बारे में कैसे जानेंगे ? यही कारण है की आज के इस दुनिया में लाइब्रेरी का बहुत ज्यादा महत्व है। जिसके लिए यह राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया था।
संबलपुर विश्वविद्यालय उड़ीसा के लाइब्रेरी साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो० डॉ. डॉ. बबलू महाराजा ने स्य “New Research Eco-System- and the role of library” विषय में, शा. एम. एल.बी. महाविद्यालय ग्वालिय के प्रो. अरविंद शर्मा ने “How to avoide plagiarism in academic writing विषय पर तथा गुरूघासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के लाइब्रेरी साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश तिवारी ने “Information Polluttion, Miss information, Dis information and users” ‘विषय पर प्रभावी व्याख्यान दिया। इस अवसर पर टी०आर० एस० महाविद्यालय रीवा के सेवानिवृत प्राध्यापक डॉ. आर. के. शर्मा ने भी ‘पुस्तकालय की उपयोगिता’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। संगोष्ठी मे तीन शोधार्थियों ने अपने शोध पत्रों का वाचन भी किया गया। इसके पूर्व डी० पी० विप्र विधि महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डॉ. अन्नू भाई सोनी ने संगोष्ठी के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए स्वागत उद्बोधन दिया। रात्रि में संगीत संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसके मुख्य अतिथि डॉ. सी० वी० रामन वि०वि० कोटा के कुलसचिव डॉ. गौरव शुक्ला रहा। इस शोध संगोष्ठी में 500 की संख्या में शोधार्थी, प्राध्यापक एवं छात्र/ छात्राएं विभिन्न विश्वविद्यालय एवं से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो धर्मेन्द्र ने किया।
इस अवसर पर डॉ. प्रमोद शर्मा, डॉ. आरके तिवारी, सुषमा तिवारी, तिलकराम पटेल, संतोष ठाकुर, प्रो० गगन उपाध्याय, प्रो० निमेश, प्रो० शाजी धामस, प्रो० प्रियंका मेंठा, प्रगति श्रीवास्तव, पूजा ठाकुर, नीरज शर्मा, आलोक शर्मा, श्रवण वस्त्रकार कि वाम ध्रुति श्रीवास्तवा प्रो० नीरज दुबे के साथ बड़ी संख्या में प्रतिभागीगण शामिल हुए। सेमिनार का स्पोंसर्ड एसईसीएल द्वारा किया गया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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