दुर्ग। बहुचर्चित रावलमल जैन और उनकी पत्नी सुरजी देवी की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोप सिद्ध कर दिया है। दुर्ग कोर्ट ने दंपत्ती के पूत्र को इस मामले में आरोपी मानते हुए फांसी की सजा सुना दी है। जबकि इस मामले में दो अन्य लोगों को पांच-पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है।
श्री पार्श्वतीर्थ नगपुरा (दुर्ग) के प्रमुख ट्रस्टी और गंजपारा दुर्ग निवासी रावलमल जैन और उसकी पत्नी सुरजी देवी की चार साल पहले हत्या कर दी गई थी। 1 जनवरी 2018 को दुर्ग के नगपुरा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जांच में पाया था कि उनके बेटे ने ही दोनों को गोली मारी है। रावलमल का शव खून से लथपथ जमीन पर और उनकी पत्नी सुर्जे बाई का शव चारपाई पर पड़ा है। रावलमल को 2 गोलियां मारी गईं थी और सुर्जे बाई को 3 गोलियां लगी थीं। घर के पीछे गलियारे में एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल और प्लास्टिक पाउच में 24 गोलियां मिली थीं।
पूरी घटना के समय रावलमल और सुरजी बाई के अलावा घर संदीप जैन ही था। संदीप पुलिस को बेडरूम में सोते हुए मिला था। उसने पुलिस को बताया कि उसे कुछ नहीं पता। इससे पुलिस को संदीप जैन पर शक हुआ। सख्ती से पूछताछ में संदीप ने जुर्म कबूल किया। इस तरह पुलिस ने हत्या के 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मृतक दंपती के 42 वर्षीय बेटे संदीप जैन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। संदीप जैन पेशे से एक कवि और फिटनेस ट्रेनर था। वह कवि सम्मेलन आयोजित करके घर के पैसे बर्बाद करता था। बेटे के पेशे को उसके माता पिता पसंद नहीं करते थे। इसलिए वह उसे दूसरा काम करने को कहते थे। जिसको लेकर अक्सर झगड़ा होता था। आखिरकार संदीप ने अपने पिता को उनके जन्मदिन के दिन ही मौत के घाट उतार दिया। मां जब बीच में आई तो उसने उन्हें भी धक्का देकर गिरा दिया और फिर उनपर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर दोनों की हत्या कर दी।
संदीप जैन ने अपने माता-पिता को मारने के लिए गुरुदत्त से 1 लाख 35 हजार रुपए में पिस्टल खरीदी थी। मध्य प्रदेश के सागर जिले से पिस्टल भगत सिंह लेकर आया था। उसने पिस्टल गुरुदत्त को दी फिर उसने संदीप को पिस्टल बेची। इसके चलते दोनों लोगों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में दुर्ग न्यायालय में आज सुबह सुनवाई हुई। इससे पहले न्यायालय ने उनके बेटे संदीप जैन को हत्या का आरोपी सिद्ध किया। वहीं दोपहर बाद न्यायालय ने बेटे संदीप को माता और पिता की हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुना दी है। जबकि इस मामले में संदीप को पिस्टर उपलब्ध करवाने वाले दो अन्य आरोपी भगत सिंह गुरुदत्ता और शैलेंद्र सागर को भी पांच-पांच साल कारावास की सजा न्यायालय ने सुनाई है। इसी पिस्टल से संदीप ने अपने माता-पिता की हत्या की थी। न्यायाधीश शैलेष तिवारी ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पुत्र संदीप जैन को फांसी की सजा सुनाई है।
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