रायपुर। बस्तर संभाग के युवाओं के दल ने धनकुल जगार गीत की प्रस्तुति दी। उन्होंने हल्बी बोली में गीत गाया।
उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल के हल्बी-भतरी और बस्तरी परिवेश में धनकुल गीतों की महत्त्वपूर्ण परम्परा रही है। धनकुल गीत के अन्तर्गत चार जगार गाये जाते हैं। इन चारों जगार (आठे जगार, तीजा जगार, लछमी जगार और बाली जगार) की प्रकृति लोक महाकाव्य की है। ये चारों लोक महाकाव्य अलिखित हैं और पूरी तरह वाचिक परम्परा के सहारे मुखान्तरित होते आ रहे हैं। इनमें से आठे जगार, तीजा जगार और लछमी जगार की भाषा हल्बी एवं कहीं-कहीं हल्बी-भतरी-बस्तरी मिश्रित है, जबकि बाली जगार की भाषा भतरी और देसया।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरJune 25, 2026बेलतरा में रेत-मुरम माफिया पर कार्रवाई की मांग को लेकर विजय केशरवानी की चेतावनी, 7 दिन का दिया अल्टीमेटम, नहीं तो होगा जनआंदोलन
बिलासपुरJune 25, 2026NEET पेपर लीक : कांग्रेस ने किया बड़ा आंदोलन करने का ऐलान, जयवर्धन ने कहा कि शिक्षा मंत्री और NTA अध्यक्ष को हटाए प्रधानमंत्री
बिलासपुरJune 24, 2026भारतीय इतिहास का काला अध्याय है 25 जून, 1327 पत्रकारों को जेल भेजा गया था, विदेशी पत्रकारों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था – पांडेय
बिलासपुरJune 24, 2026अल नीनो के कारण कम वर्षा की आशंका, कृषि विभाग ने किसानों को दिए गंभीर सुझाव
