रायपुर। बस्तर संभाग के युवाओं के दल ने धनकुल जगार गीत की प्रस्तुति दी। उन्होंने हल्बी बोली में गीत गाया।
उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल के हल्बी-भतरी और बस्तरी परिवेश में धनकुल गीतों की महत्त्वपूर्ण परम्परा रही है। धनकुल गीत के अन्तर्गत चार जगार गाये जाते हैं। इन चारों जगार (आठे जगार, तीजा जगार, लछमी जगार और बाली जगार) की प्रकृति लोक महाकाव्य की है। ये चारों लोक महाकाव्य अलिखित हैं और पूरी तरह वाचिक परम्परा के सहारे मुखान्तरित होते आ रहे हैं। इनमें से आठे जगार, तीजा जगार और लछमी जगार की भाषा हल्बी एवं कहीं-कहीं हल्बी-भतरी-बस्तरी मिश्रित है, जबकि बाली जगार की भाषा भतरी और देसया।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMarch 24, 2026बिलासपुर के पोल्ट्री फार्म में फैला बर्ड फ्लू, 5 हजार से अधिक मुर्गे -मुर्गियों की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप
बिलासपुरMarch 24, 2026वन्य-ग्राम सोनाखान में ‘युवोजल उत्सव’ के तहत जल संरक्षण एवं स्वच्छता को लेकर युवाओं की अनूठी पहल
राष्ट्रीयMarch 24, 2026सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, धर्म परिवर्तन के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, किस मामले को लेकर दिया फैसला, पढ़े खबर…
बिलासपुरMarch 23, 2026करगी में मोहन पांडेय की हत्या : 6 आरोपी गिरफ्तार, होली में लकड़ी चोरी करने पर हुआ था विवाद
