भिलाई। भिलाई के सेक्टर- 9 में देर रात एक बस्ती में भीषण आग लग गई। एक के बाद एक कई सिलेंडर फटने से आग ने विकराल रूप ले लिया। इस बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते दिखे। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। लेकिन बस्ती में लगभग दो दर्जन झोपड़ियां जलकर खाक हो गई। बताया जा रहा है की बस्ती में जानबूझकर आग लगाई गई है क्योंकि BSP के अधिकारी लंबे समय से खाली कराने की कोशिश में लगे हुए थे।
भिलाई टाउनशिप के हॉस्पिटल सेक्टर के झुग्गी क्षेत्र में शुक्रवार रात 3 बजे आग लगने से 24 से अधिक घर जलकर राख हो गए। लोगों को इतना भी मौका नहीं मिला की वो अपना सामान बचा सके। देखते ही देखते पूरी बस्ती आग के गोले में बदल गई। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचती आग ने सभी घरों को जला दिया था। बताया जा रहा है की बस्ती में सुनियोजित तरीके से आग लगाई गई है। क्योंकि पिछले कई साल से भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारी बस्ती खाली कराके अपनी जमीन मुक्त कराना चाह रहे थे। कई बार बेजा कब्जा हटाने का प्रयास भी किया गया लेकिन अधिकारियों को सफलता नहीं मिली। बताया जा रहा है एक झोपड़ी से दूसरे झोपड़ी की बीच काफी अंतर है, लिहाजा आग कुद के दूसरी झोपड़ी को अपने चपेट में नहीं ले सकती। इसके अलाव आगजनी में किसी के झुलसने या मौत जैसी घटना नहीं हुई है। झोपड़ियों में रखे टीवी, फ्रिज, कुलारे, बर्तन, कपड़े और महिलाओं के गहने ही जले है। बताया जा रहा है की खोपड़ियों में सुनियोजित तरीके से आग लगाई गई है। आगजनी की घटना से प्रभावित एक महिला ने बताया कि वो सेक्टर 9 हॉस्पिटल में अटेंडेंट का काम करती है। वो ड्यूटी पर गई थी। घर में उसकी 4 बेटी और एक बेटा अकेले थे। देर रात 3.30 बजे के करीब बेटी ने फोन करके बताया कि मम्मी बड़ी आग लगी है। जल्दी आ जाओ। मौके पर आकर देखा कि पूरी बस्ती में आग लगी थी। मेरे घर का पूरा सामान जल गया था। आग लगने के बाद यहां करीब 4 सिलेंडर फटे हैं। बस्ती के पूरे घर जल गए हैं। पूरे गहने जल गए हैं। सोना और पैसा का पता नहीं चल रहा है।
00 सूर्या नगर में जली थीं 163 झोपड़ियां
10 महीने पहले ही भिलाई पावर हाउस के सूर्या नगर इलाके में आग लगने से 163 झोपड़ियां जलकर राख हो गई थीं। बस्ती में आग घर के अंदर जल रहे दिए से लगी थी। यहां भी आग लगने से कई सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ था। कपड़े, लकड़ी और प्लास्टिक से बनी झोपड़ी में आग तेजी से फैल गई। एक-एक कर दूसरी झोपड़ियों के सिलेंडर भी ब्लास्ट होते गए, जिससे आग 11 फीट की सड़क के दूसरी तरफ बनी झोपड़ियों तक पहुंच गई। जांच में पता चला था कि बस्ती की ज्यादातर झोपड़ियों की छत में टीन शेड की थीं। बाकी हिस्सा कपड़े, प्लास्टिक और लकड़ी का था। इस वजह से आग तेजी से फैली थी। आग लगने के बाद भिलाई के महापौर नीरज पाल ने यहां दिन रात रहकर बस्ती को दोबारा बसाया था। उन्होंने उन्होंने पीड़ितों के लिए दोबारा सूर्या नगर में झोपड़ी बनवाई। इसके लिए 2 हजार टीन शेड, बांस बल्लियों समेत अन्य जरूरत का समान पीड़ितों को उपलब्ध करवाया गया था।
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