ठेकेदार नदारत, चीफ इंजीनियर, ईई और एसडीओ बैठकर कराया बराज के स्लैब की ढलाई, कठपुतली बन गए है सिंचाई विभाग के अधिकारी

बिलासपुर। सिंचाई विभाग के अधिकारी ठेकेदारों के हाथ की कठपुतली बन गए है। ठेकेदार रायपुर में ठाठ से मौज कर रहा है और चीफ इंजीनियर बराज का निर्माण कार्य देख रहे है। शनिवार को बराज में एक स्लैब की ढलाई के दौरान ठेकेदार नदारत था और चीफ इंजीनियर, ईई और एसडीओ मौके पे खड़े होकर स्लैब की ढलाई करा रहे थे।
अरपा नदी के शिवघाट में बन रहे बराज के निर्माण में ठेकेदार सुनील अग्रवाल कितना लापरवाही बरत रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की महत्वपूर्ण निर्माण भी मजदूरों के भरोसे चल रहा है। शनिवार को बराज में एक स्लैब की ढलाई हुई। बराज का एक महत्वपूर्ण काम होने के बावजूद ढलाई के वक्त न तो ठेकेदार सुनील अग्रवाल मौजूद था और न ही कंपनी का कोई जिम्मेदार इंजीनियर। Democrecy.in में लगातार खबर प्रकाशित होने का ये असर जरूर हुआ की ढलाई के वक्त चीफ इंजीनियर अजय सोमावार, ईई द्वारिका जायसवाल और SDO केके सिंह पूरे समय मौजूद रहे। सिंचाई विभाग के तीनों अधिकारियों की मौजूदगी में स्लैब की ढलाई पूरी हुई। ढलाई के दौरान सिंचाई विभाग के तीनों जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे लेकिन किसी ने भी ज्वाइंट सरिया पर ढलाई किए जाने पर आपत्ति नहीं जताई। ठेकेदार के कर्मचारियों ने राड के टुकड़ों को वेल्डिंग करके फ्रेम बनाया और ढलाई करवा दिया है। विभाग के तीनों अधिकारियों की खामोशी समझ से परे है। ठेकेदार के द्वारा निर्माण के हर स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। 49- 49 करोड़ के दो -दो प्रोजेक्ट अरपा नदी में चल रहा है लेकिन ठेकेदार ने निर्माण स्थल पर या शहर में कही भी साइट ऑफिस तक नहीं बनाया है। पूरा काम मजदूरों के भरोसे छोड़ दिया है। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारी उनकी लापवाही को अनदेखा कर रहें है। ठेकेदार के खिलाफ एक्शन लेने के बजाए सिंचाई विभाग के अधिकारी ठेकेदार को भुगतान करने के लिए हमेशा उतावला रहते है और वो भी अग्रिम भुगतान। अभी बराज का गेट लगा नही है, उसमे कई महत्वपूर्ण काम बाकी है लेकिन चीफ इंजियर लगभग 18 करोड़ रुपए भुगतान करने की फाइल आगे बढ़ा दी है। यही कारण है की ठेकेदार के हौसले बुलंद है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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