रायपुर। कांग्रेस नेताओं के घर और दफ्तर में ED की छापे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तेवर आक्रामक हो गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से ठीक पहले कांग्रेस के लोगों को डराने के लिए ईडी के छापे डाले जा रहे हैं। लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का अधिवेशन पूरी तरह से सफल होगा।
छापे की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रेस के सामने आए और कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ओर से जब भी कोई बड़ा कदम उठाया जाता है तो यहां ईडी की कार्यवाही होती है। छत्तीसगढ़ में 24 फरवरी से होने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन के पहले छापे की आशंका पहले ही व्यक्त की जा रही थी और छापा पड़ ही गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अधिवेशन में देश की आम जनता, नौजवान, मजदूर, आदिवासी सभी तबके के लोगों की के मुद्दों पर बातचीत होगी, प्रस्ताव पारित होंगे। इसे देखते हुए महाधिवेशन को डिस्टर्ब करने के लिए इसकी तैयारी में दिन रात मेहनत कर रहे लोगों पर छापे की कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से भाजपा के लोग डरे हुए लोग हैं। प्रधानमंत्री जब कहते हैं कि वह देश में पता नहीं कितने लोगों पर भारी है। लेकिन अडानी के मामले में कुछ भी ना बोलकर उन्होंने यह बता दिया कि अडानी खुद भाजपा पर भारी है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की कन्याकुमारी से कश्मीर तक मिली कामयाबी से घबराई हुई भाजपा ने इस तरह का कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हो रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन में 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव का रोड मैप तैयार होगा। भाजपा इसे लेकर घबराई हुई है और इसे नाकाम करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही।
लेकिन कांग्रेस के लोग पूरी तरह से तैयार हैं। भाजपा कितना भी कोशिश करें हम घबराने वाले नहीं हैं। राजनीतिक दबाव के चलते कांग्रेसी पदाधिकारियों और विधायकों के पर छापा डालकर डराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन कांग्रेस वह पार्टी है जो अंग्रेजों से नहीं डरी तो भला इनसे क्या डरेगी।
भूपेश बघेल ने कहा कि अब पूरा देश जान चुका है कि इस तरह के छापों का केवल राजनीतिक मतलब है। पहले भी छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनियों की जांच को लेकर मांग की गई है। इसी तरह नान घोटाले की जांच भी आज तक नहीं कराई गई। जिससे यह साबित हो सके कि घोटाले के दौरान सीएम मैडम के रूप में किसका नाम आया था। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह चिटफंड कंपनियों का नाम क्यों नहीं लेते। वह कभी ईडी और कभी आईटी के प्रवक्ता बनकर अपनी बात रखते हैं। कई बार ईडी के प्रेस नोट के पहले रमन सिंह का ट्वीट आ जाता है, जिसमें वही सब बातें लिखी होती हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी की इस कार्यवाही की टाइमिंग को लेकर भी कहा कि इसमें कौन सी जांच है जो अभी जरूरी थी। यह कार्यवाही पहले या बाद में भी की जा सकती थी। लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महाधिवेशन को देखते हुए लोगों को चिन्हित कांग्रेस को लोगों पर कार्रवाई की गई है, जिससे अफरातफरी मचे।
उन्होंने कहा कि हिटलर और मुसोलिनी की विचारधारा को मानने वाले लोग विरोध करने वालों को दुश्मन समझते हैं। लोकतंत्र पर उन्हें भरोसा नहीं है। महात्मा गांधी विरोध करने वाले के भी हृदय परिवर्तन की बात करते थे। लेकिन यह लोग विरोध करने वालों को खत्म करने की बात करते हैं। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि जब भी कोई कदम उठाया जाता है भाजपा के लोग कोर्ट में पीआईएल लगाते हैं। झीरम घाटी मामले में भी यही स्थिति हुई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छत्तीसगढ़ कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, प्रदेश सरकार के मंत्री ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, कवासी लखमा सहित कांग्रेस के नेता उपस्थित थे।
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