महापौर ने पेश किया 10 अरब 24 करोड़ 72 लाख 14 हजार का बजट, ध्वनि मत से पास, PM आवास के लिए मिले एक अरब 95 करोड़

बिलासपुर। महापौर रामशरण यादव ने बुधवार को स्व. लखीराम ऑडिटोरियम में वर्ष 2023-24 के लिए अनुमानित 10 अरब 24 करोड़ 72 लाख 14 हजार रुपए का बजट पेश किया, जिसे सत्ता पक्ष कांग्रेस व विपक्ष भाजपा के पार्षदों ने ध्वनि मत से पारित कर दिया। इसमें 7 अरब 51 करोड़ 55 लाख 80 हजार रुपए की अनुमानित आय दर्शाई गई है। 56 करोड़ 32 हजार रुपए फायदे वाले इस बजट में शहर विकास के लिए कई नए प्रावधान किए हैं।
परंपरा के अनुसार दोपहर 12 बजे मेयर श्री यादव सूटकेश लेकर सदन में पहुंचे। सभापति श्ोख नजीरुद्दीन ने अध्यक्षता करते हुए बजट बैठक की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दी। एक घंटे प्रश्नकाल के बाद और लंच के बाद महापौर श्री यादव ने बजट भाषण पढ़ा। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2०23-24 के लिए बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मैं अपने कर्तव्य के अनुरूप वर्तमान परिषद में सभापति द्बारा लिए गए विवेकपूर्ण निर्णयों में समस्त पार्षदों के सहयोग, सामंजस्य की भावना और नगर विकास के कार्यों में सम्मानीय नागरिकों के सहयोग व मेरा उत्साहवर्धन करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। उन्होंने बताया कि राज्य प्रवर्तित योजना के तहत ज्ञान स्थली योजना के लिए 100 लाख, पुष्पवाटिका योजना के लिए 50 लाख, सरोहर-धरोहर योजना के अंतर्गत तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 200 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। अधोसंरचना मद में वार्डों के विकास कार्य, सीसी रोड, नाली, डामरीकरण, चौक-चौराहों का सौंदर्यीकरण, वार्डों में समुचित प्रकाश व्यवस्था, पेयजल के लिए 13005.06 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। महापौर ने आय के स्रोत के बारे में बताया कि 2 अरब 31 करोड़ 74 लाख 88 हजार रुपए राजस्व से और 5 अरब 19 करोड़ 80 लाख 92 हजार रुपए पूंजीगत और 2 अरब 73 करोड़ 16 लाख 34 हजार रुपए प्रारंभिक श्ोष से प्रा’ होने का अनुमान है। इसी तरह से 7 अरब 50 करोड़ 99 लाख 22 हजार राजस्व पर और 5 अरब 61 करोड़ 10 लाख 22 हजार रुपए पूंजीगत और 2 अरब 73 करोड़ 72 लाख 66 हजार रुपए अंतिम श्ोष पर व्यय होने का अनुमान है। सामान्य सभा में कांग्रेस-भाजपा के सभी पार्षद मौजूद रहे।
00 संपत्ति कर पटाने मिलेगा और समय
नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी ने संपत्ति कर पटाने की समय अवधि में छूट देने का प्रस्ताव लाया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2०22-23 की संपत्ति कर पटाने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। इसके बाद पेनाल्टी का प्रावधान है। नागरिकों को संपत्ति कर पटाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। मेयर श्री यादव ने नेता प्रतिपक्ष द्बारा लाए गए प्रस्ताव को सदन में रखा, जिसे सदस्यों ने पारित कर दिया।
00 अनुकंपा नियुक्ति देने शासन को लिख्ोंगे पत्र
एमआईसी सदस्य सीताराम जायसवाल ने प्रश्न किया कि नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति की जगह प्लेसमेंट में नौकरी दी गई है, जिन्हें 1० हजार रुपए वेतन दिया जा रहा है। अनुकंपा नियुक्ति मिलने पर उन्हें 3० हजार रुपए से अधिक वेतन मिलता। उन्हें अनुकंपा नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है। मेयर श्री यादव ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी का पद रिक्त नहीं होने के कारण प्लेसमेंट में रखा गया है। उन्होंने अन्य नगरीय निकाय में रिक्त पद अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए शासन को पत्र लिखने का प्रस्ताव लाया, जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया।
00 कर्मचारियों के नियमितीकरण का प्रस्ताव पारित
मेयर श्री यादव ने सदन में कहा कि कई संविदा व तदर्थ कर्मचारी नगर निगम में 15 से लेकर 24 साल तक सेवा दे रहे हैं। कुछ लोग रिटायरमेंट की आयु तक पहुंच रहे हैं। इन्हें नियमित करने का प्रस्ताव एमआईसी में पास किया गया है, लेकिन अब तक इन्हें नियमित नहीं किया गया है। ऐसे कर्मियों को नियमित करने के महापौर के प्रस्ताव को सदस्यों ने पारित किया। मेयर श्री यादव ने आयुक्त कुणाल दुदावत से कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर नियमितीकरण के पेंडिंग प्रस्ताव को शासन को स्वीकृत कराएं।
00 मुख्य चौक-चौराहों पर महिला प्रसाधन की होगी व्यवस्था
पार्षद संगीता तिवारी ने सदन में सवाल करते हुए कहा कि शहर के मुख्य चौक-चौराहों में महिला प्रसाधन नहीं है, जिसके चलते महिलाओं को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राजेंद्र नगर, अग्रसेन चौक, बस स्टैंड समेत शहर के सभी मुख्य चौक-चौराहों में महिला प्रसाधन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। मेयर श्री यादव ने सदन को बताया कि प्रमुख चौक-चौराहों में फोल्डिंग वाले महिला प्रसाधन की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही यह सुविधा शहर में मिलने लगेगी।
00 गणेश नगर होगा राजस्व विभाग के सुपुर्द
पार्षद अब्दुल इब्राहिम खान ने सदन को बताया कि उनके वार्ड में गण्ोश नगर है, जो नगर निगम के पुराने वार्ड में भी शामिल है। इस क्ष्ोत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां का विकास कैसे होगा। मेयर श्री यादव ने उनके सवाल का जवाब देते हुए बताया कि गण्ोश नगर फदहाखार के छोटे-बड़े झाड़ की जमीन पर बसा हुआ है, जो वन विभाग के अंतर्गत है। यहां विकास कार्य कराने पर वन विभाग अड़ंगा लगाता है। उन्होंने फदहाखार की जमीन पर जितनी बस्ती बसी हुई है, उसे वन विभाग से राजस्व विभाग को सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति दी। मेयर श्री यादव ने आयुक्त श्री दुदावत को वन विभाग से पत्र व्यवहार कर समस्या का हल निकालने कहा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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