बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भेंट मुलाकात किसी मसाला फिल्म की तरह जबरदस्त हिट है। भेंट मुलाकात में हंसी-मजाक, संवाद, शिकवा-शिकायत, डांट-फटकार, विकास कार्यों की सौगात सब शामिल रहता है। सीपत में आयोजित भेंट मुलाकात में कई दिलचस्प चीजें सामने आई। जब एक स्व सहायता समूह की महिला ने बताया कि गोबर खाद बेचकर ढाई लाख रुपए और केंचुआ बेचकर 70 हजार कुल 3 लाख 20 हजार रुपए की कमाई हुई है तो मुख्यमंत्री गदगद हो गए। जब मुख्यमंत्री ने पूछा की पैसे जिसमे खर्च किए हो तो महिला का जवाब सुनकर भूपेश बघेल सिर पकड़ लिए। महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि तीन लाख बीस हजार में से डेढ़ लाख रुपए में श्रीमद् भागवत सुन दिए और शेष पैसे को बांट लिए। खर्च का ब्यौरा सुनकर कार्यक्रम स्थल ठहाके से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने उनकी तारीफ भी की की मेहनत की कमाई के आधे हिस्से को खर्चकर भागवत सुनना बड़ी बात है।
भेंट मुलाकात में महिलाओं से राशनकार्ड को लेकर पूछताछ की तो एक महिला ने कहा की राशन दुकान से चावल, शक्कर और नमक तो मिल ही रहा है तेल भी मिल जाता तो ज्यादा अच्छा होता इस पर उन्हें आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा इस चुनाव के घोषणा पत्र में इस मांग को शामिल करूंगा। मुख्यमंत्री ने जब एक महिला से मिट्टीटेल के संबंध में पूछताछ की तो उन्होंने तपाक से जवाब दिया की मिट्टीतेल तो डीजल से भी मंहगा है। तो मुख्यमंत्री ने कहा की गैस सिलेंडर उपयोग करते हो ? तो उन्होंने कहा की सिलेंडर तो 12 सौ रुपए में मिलता है उसको तो और नही ले सकते। गोबर से छेना थाप रहे है और खाना उसी से बन रहा था। तब मुख्यमंत्री ने कहा की पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर की कीमत केंद्र की सरकार करती है। केंद्र सरकार मतलब नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अरुण साव। जब भाजपा नेता आए तो उनसे पूछना की ये सब चीजें इतनी मंहगी क्यों है? इस पर महिला ने फिर से कहा की हम तो तूही मन ल जनथन, बाकी ल नई जनन… महिला के इतना कहते ही मंच और सभा ठहाकों से गूंज उठा। तब मुख्यमंत्री ने एक बार फिर कहा की भाजपा के अरुण साव सही त आखर मेर पुछबे। भेंट मुलाकात के दौरान कई ऐसे चर्चा हुई जिससे पूरे समय लोगों को बांधे रखा। इस भीषण गर्मी में डेढ़ घंटे की मुलाकात में माहौल कभी भी उबाऊ नहीं रहा।
रागी की फसल ले रहे किसान, बताया काफी लाभ हो रहा- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा मिलेट मिशन को प्रोत्साहित किये जाने के जमीनी असर नजर आने लगे हैं। देवदत्त साहू ने बताया कि इस बार दो एकड़ में रागी लगाया है। उम्मीद है कि पचास से साठ हजार रुपए का फायदा मिल जाएगा। इसमें लागत भी कम है और 90 दिन की फसल है। पानी भी कम लगता है। मुझे तो इसकी खेती अच्छी लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी की धान फसल में 110 से 120 दिन का समय लगता है। यह आपने अच्छा किया।
पहले नौकरी करता था, अब खेती के माध्यम से 4 लोगों को नौकरी दी है- किसान चंद्रप्रकाश कौशिक ने कहा कि पहले मैं खेती से दूर जा चुका था। कुछ कर्ज था। 2018 तक नौकरी करता था। जब कर्जमाफी हुई तो तीन लाख रुपए माफ हो गया। आपके निर्णयों से खेती काफी लाभप्रद हो गई है। सारी किश्तें मिल गई हैं। समय पर धान का पैसा मिल जाता है। पहले नौकरी करता था, अब चार लोगों को नौकरी दे रहा हूँ। मुख्यमंत्री ने पूछा कि बहु के लिए क्या लाए। श्री कौशिक ने कहा कि अभी साल भर ही हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि शादी के लिए कर्ज लिया क्या। श्री कौशिक ने कहा कि नहीं, इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए कहा कि यह बहुत अच्छा हो रहा है। पहले शादी ब्याह जैसे मंगल आयोजनों के लिए किसानों को कर्ज लेना पड़ता था, अब खेती किसानी में लाभ होने लगा है इसलिए कर्ज भी नहीं लेना पड़ रहा है। श्री कौशिक ने बताया कि वो राजीव गांधी युवा मितान क्लब से भी जुड़े हैं। वे क्लब के अध्यक्ष हैं। जब पहली बार छत्तीसगढ़िया खेल कराए तो बच्चे खेल नहीं पा रहे थे। तब हम लोगों को लगा कि मुख्यमंत्री जी ग्रामीण खेलों को बढ़ाने के लिए कितना अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम लोग सप्ताह में एक दिन क्लब के माध्यम से श्रमदान करते हैं।
कोविड आपदा में पिता नहीं रहे, स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ रही छात्रा ने बोर्ड परीक्षा में लाये 91 प्रतिशत अंक- मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए छात्र-छात्राओं से चर्चा भी की। फलक पटेल ने बताया कि वो स्वामी आत्मानंद स्कूल में पढ़ती हैं। अभी 10वीं बोर्ड का नतीजा आया और इसमें 91 प्रतिशत अंक आये हैं। मैं डाक्टर बनना चाहती हूँ। मुख्यमंत्री ने माता-पिता के बारे में पूछा। फलक ने बताया कि मेरे पिता कोविड आपदा में नहीं रहे। महतारी दुलार योजना से मुझे स्वामी आत्मानंद स्कूल में एडमिशन मिला। मुख्यमंत्री ने फलक को अच्छे नंबरों के लिए बहुत बधाई दी। गरिमा यादव ने बताया कि उनके स्कूल में बहुत अच्छी पढ़ाई होती है।
दूध से ज्यादा कमा रहा हूँ गोबर में – उत्तरी विश्वकर्मा ने बताया कि उनका समूह वर्मी कंपोस्ट बनाने का काम करता है। उन्होंने ढाई लाख रुपए का वर्मी कंपोस्ट बेचा है। 70 हजार रुपए की आय केंचुआ बेचकर हुई है। बचत राशि हम सब लोगों ने बांट ली। साथ ही बचत की ही राशि का कुछ धन इकट्ठा कर भागवत कथा भी गाँव में कराई। निखिल जायसवाल ने बताया कि वे हर महीने 80 से 90 क्विंटल गोबर बेचता हूँ। इसके माध्यम से मैं 20 हजार रुपए तक महीने कमाता हूँ। दूध से ज्यादा कमाई तो मैं गोबर से कर रहा हूँ। वहीं मिथिलेश श्रीवास ने बताया कि सही समय पर बेरोजगारी भत्ता मिला है। अब वे खूब पढ़ाई करेंगे।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMarch 23, 2026करगी में मोहन पांडेय की हत्या : 6 आरोपी गिरफ्तार, होली में लकड़ी चोरी करने पर हुआ था विवाद
बिलासपुरMarch 23, 2026पूर्व महापौर पर घर में बुलडोजर चलवाने और जमीन हड़पने का आरोप, पूरा परिवार आ गए है सड़क में, पुलिस FIR भी नहीं लिख रही
बिलासपुरMarch 23, 2026अब लैलूंगा में मिला अफ़ीम की अवैध खेती, दो गिरफ्तार, लीलुंगा से मिला खेती के लिए बीज
बिलासपुरMarch 22, 2026कारगी के बीच सड़क मोहन पांडेय की हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सहयोगियों की तलाश जारी
