रतनपुर कांड : रेप पीड़िता को मां को मिली जमानत, TI सस्पेंड, SDOP को कारण बताओ नोटिस

बिलासपुर। रतनपुर के रेप पीडिता की मां को जिला न्यायालय से जमानत मिल गई है। इधर जांच रिपोर्ट आने के बाद SP ने TI को सस्पेंड कर दिया है जबकि SDOP को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बिलासपुर के लीला न्यायालय ने रेप पीड़िता की विधवा मां को जमानत दे दी है। दुष्कर्म के केस में बदले की भावना से उसके ऊपर काउंटर केस दर्ज कर जेल भेज दिया था। दुष्कर्म पीड़िता की मां को दस साल के बच्चे के यौन शोषण व पाक्सो एक्ट के तहत बीते 19 मई को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था, जिसके बाद से शहर में लगातार विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया था। बदले की भावना से दर्ज की गई FIR को रद्द करने और टीआई के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही दुष्कर्म पीड़िता की मां की रिहाई की मांग की जा रही थी। विरोध-प्रदर्शन के बाद SP संतोष कुमार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी।
इधर, सोमवार को जांच कमेटी के प्रमुख व एडिशन एसपी ग्रामीण राहुल देव शर्मा ने जांच रिपोर्ट SP संतोष सिंह के समक्ष पेश कर दी है। अब तक जांच कमेटी ने जितने लोगों का बयान दर्ज किया है और तथ्यों की जांच की है, उसमे प्रथम दृष्टया FIR को फर्जी माना गया है। इन्हीं बयानों व जांच के आधार पर कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है। कहा जा रहा है कि जांच रिपोर्ट में पुलिस की भूल मानी गई है। लेकिन, दोषी थानेदार को क्लिन चिट देने की बात भी कही जा रही है। लेकिन जांच टीम की रिपोर्ट पर SP ने टीआई कृष्णकांत सिंह को सस्पेंड कर दिया है जबकि SDOP को नोटिस जारी किया गया है। बता दें कि रेप पीड़िता की मां पर 19 मई को थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गयी और फिर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया।
उसी दिन महिला को जेल भी भेज दिया गया था। महिला को अपना पक्ष रखने तक का मौका नहीं दिया गया। जिस महिला को गिरफ्तार किया गया, उसकी बेटी ने एक युवक पर रेप का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि रेप केस के बदले ही पीड़िता की मां को साजिश के तहत फंसाया गया।
इस घटना में पीड़िता का भी बयान आया था, जिसमें युवती ने कहा था कि केस दर्ज कराने के बाद से उन्हें डराया-धमकाया गया। इसके साथ ही पैसों की लालच देकर समझौता कराने की कोशिश की गई। लेकिन, हम लोग तैयार नहीं हुए, तब TI के साथ मिलकर मां पर झूठे आरोप लगाकर केस बना दिया गया है। इस मामले में पुलिस और आरोपी के परिवार वाले मिले हुए हैं। हम गरीब हैं, हमारा कोई नहीं है। इसलिए इस तरह से साजिश रची गई है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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