कांकेर। नक्सलियों ने अपने साथी को मारकर लाश जंगल में फेंक दिया है। शव के साथ नक्सलियों एक पर्चा भी छोड़ा है जिसमे उसे मारने की वजह बताई है। अपने साथी को मारने के लिए बकायद जन अदालत लगाया गया था।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने स्थानीय मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शव के पास से पर्चा भी बरामद हुआ है। जिसमे संगठन की महिलाओं से अमर्यादित व्यवहार करने पर सजा देने की बात कही गई है।
छत्तीसगढ़ के कांकेर में नक्सलियों ने जनअदालत लगाकर अपने ही साथी की हत्या कर दी है। इसके बाद शव को जंगल में फेंक दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया है। शव के पास ही एक पर्चा भी बरामद हुआ है। इसमें नक्सलियों ने कहा है कि मारे गए उनके साथी का महिलाओं को लेकर आचरण सही नहीं था। गांव की एक लड़की से दुष्कर्म कर भागते हुए वह पकड़ा गया। इसके बाद उसे मौत की सजा दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामला कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र का है।
शव के साथ मिले पर्चे से मारे गए युवक की पहचान नारायणपुर के भरंडा गांव निवासी नक्सली मानू दुग्गा के रूप में हुई है। वह किसकोड़ो एरिया कमेटी का सदस्य था। पर्चे में लिखा है कि मानू 2006 से पीएलजीए सदस्य के रूप में नक्सली संगठन में काम कर रहा था। उसका शुरू से ही व्यवहार अमर्यादित और अराजकतावादी था। उसके कारण संगठन की महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई थी।
नक्सलियों की उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी की ओर से हाथ से लिखे गए इस पर्चें में बताया गया है कि पार्टी की ओर से पॉलिसी के मुताबिक मानू को कई बार समझाया गया। उसके खिलाफ अनुशसनात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन उसमें कोई बदलाव नहीं आया। उसने खुद में सुधार न लाकर गांव की एक लड़की से दुष्कर्म किया और भागने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद जनअदालत लगाकर जनता की राय के अनुसार मानू दुग्गा को मौत की सजा दी गई है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरNovember 1, 2026पटवारियों को हड़ताल खत्म कर तत्काल काम पर लौटने का अल्टीमेटम, नहीं लौटने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
बिलासपुरNovember 1, 2026आस्था का महापर्व छठ पूजा की तैयारी शुरू, छठ घाट में छठ पूजा समिति कार्यालय का शुभारंभ
बिलासपुरOctober 31, 2026सरपंच का चुनाव क्या हारा अपने ही मतगणना एजेंट की करा दी हत्या, 1 लाख 20 हजार में दिया था सुपारी
बिलासपुरOctober 31, 2026नदियों की रेत से पहाड़ों के पत्थर तक, बेलतरा की प्राकृतिक संपदा पर संकट – अंकित
