बिलासपुर। सीपत NTPC के प्लांट से निकलने वाली राखड़ से पूरा क्षेत्र हलाकन है। प्रतिदिन 23 हजार मिट्रिक टन राखड़ प्लांट से निकल रहा है। इस राख का 50 प्रतिशत हिस्सा भी प्रबंधन ठिकाना नहीं लगा पा रहा है और अब 800 मेगावाट का नया प्लांट लगाने जा रहा है। इस नए प्लांट से निकलने वाली राख का क्या होगा और आसपास रहने वालों पर इसका क्या असर होगा अंदाजा लगाया जा सकता है।
सीपत में NTPC की स्थापना के बाद देश का कोना कोना भले जगमगा रहा हो, लेकिन आसपास के पूरे क्षेत्र की आबो हवा बर्बाद हो गई है। अभी प्लांट में बिजली उत्पादन के दौरान रोज 46 हजार मिट्रिक टन कोयला जल रहा है। कोयला जलने के बाद रोज 23 हजार टन राख निकल रहा है। प्लांट से निकलने वाले राख के लिए NTPC प्रबंधन तीन तीन राखड़ डेम बना रखे है। लेकिन ये नाकाफी साबित हो रहे है। नतीजा ये हो रहा है की डेम कई स्थानों से फूट रहे है राखड़ गांवों में घुस रहा है। प्लांट के चारो तरफ के 20 से अधिक गांव प्रदूषण की मार झेल रहे है। हवा चलते ही पूरा क्षेत्र धूल के गुबार में ढक जाता है। लोग एक दूसरे को देख भी नहीं पाते। उसी राखड़युक्त हवा के कारण सैकड़ों ग्रामीण दमा जैसी बीमारी से परेशान है। ग्रामीणों के खेत और खलिहान बंजर हो चुके है। लेकिन इन सब से NTPC प्रबंधन का कोई वास्ता नहीं है। प्रबंधन दिखाने के लिए सामाजिक दायित्व के काम कराती है लेकिन लोगों की जमीन को बंजर होने से कैसे बचाना है इस पर कोई काम नही होता।
विभागीय सूत्रों की माने तो NTPC प्रबंधन प्लांट से रोज निकलने वाली राख का 50 प्रतिशत हिस्सा भी खपत नही कर पा रही है। हर रोज 50 प्रतिशत हिस्सा बच रहा है जो राखड़ डेम में सालों से जमा हो रहा है। स्थिति ये है की तीन डेम पूरी तरह से भर चुके है। अब NTPC प्रबंधन, प्लांट का विस्तार करते हुए 800 मेगावाट की नई यूनिट लगाने जा रही है। जिसमे कोयले की खपत और राख का उत्पादन दोनों 30 प्रतिशत बढ़ने वाली है। जानकारों की माने तो नई यूनिट से भी प्रतिदिन 5 हजार मिट्रिक टन से अधिक राख निकलने वाली है। अब सवाल ये उठ रहा है की पहले से निकलने वाली राख की खपत मुश्किल से 50 प्रतिशत ही हो रही है तो नई प्लांट से निकलने वाली राख की खपत NTPC प्रबंधन कहां करेगी। आपको बता दें अभी NTPC सीपत में 660 मेगावाट की तीन और 500 मेगावाट दो यूनिट है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरApril 12, 20266 किलो गांजा के साथ दो बहनें गिरफ्तार, नाम बदल – बदलकर बेचते थे गांजा
बिलासपुरApril 12, 2026खनिजों के अवैध परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, 2 हाइवा व 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, चोरी करके बेच रहे थे रेत, मुरुम और गिट्टी
बिलासपुरApril 12, 2026बिलासपुर रेलवे जोन ने बेचा ₹303.47 करोड़ रुपए का कबाड़, बनाया इतिहास
बिलासपुरApril 10, 2026महिला को टोनही बोलने वाली एक महिला और एक युवक गिरफ्तार, भेजा गया जेल
