सालभर के अंदर सिम्स में 3.90 लाख मरीजों को OPD में मिला उपचार, 10 हजार से ज्यादा मरीजों का हुआ ऑपरेशन

बिलासपुर। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में मरीजों को लगातार बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। बीते एक वर्ष सिम्स अस्पताल में 10 हजार से ज्यादा मरीजों का ऑपरेशन किया गया। वहीं लगभग 3 लाख 90 हजार बाह्य रोग से ग्रस्त मरीजों का (ओपीडी) में उपचार किया गया। इसी प्रकार 39 हजार 621 भर्ती मरीज (आईपीडी) को उपचार की सुविधा दी गई।
गरीबों के अस्पताल सिम्स में लाख बुराइयां हो लेकिन लोगों का भरोसा अभी भी वहां के डॉक्टरों और वहां ईलाज पर भरोसा बरकरार है। रोज पहुंचने वाले मरीजों की भीड़ देखकर तो यही खा जा सकता है। वर्ष 2023 में सर्जरी विभाग में 1549, नेत्र रोग विभाग में 3 हजार 245, स्त्री रोग विभाग में 2 हजार 957, अस्थि रोग विभाग में 511, दंत रोग विभाग में 1410, नाक, कान, गला रोग विभाग में 1301 इसी प्रकार कुल 10 हजार 973 मरीजों का ऑपरेशन किया गया। अस्पताल में 6 हजार से ज्यादा प्रसूताओं का सुरक्षित प्रसव कराया गया। अस्पताल में शासन द्वारा संचालित विभिन्न निःशुल्क योजना के माध्यम से मरीजों को इलाज की सुविधा दी जा रही है। उल्लेखनीय है छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान सिम्स की स्थापना 2002 में हुई थी। बिलासपुर संभाग के साथ-साथ आस पास के प्रदेश के लोग भी अपना इलाज करवाने यहां आते है। अस्पताल में अनेक जटिल ऑपरेशन डॉक्टरों द्वारा किया गया है। सिम्स अस्पताल शुरू हुआ था तब यहां केवल तीन सौ पचास बेड थे, लेकिन आज अस्पताल के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के अथक प्रयासों से सात सौ पचास बेड की सुविधा सिम्स अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध है, और साथ ही विभिन्न प्रकार के कुल सत्रह ओ.पी.डी. विभागों का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
आपको बता दें सिम्स के बहुत से कर्मचारी और डॉक्टर निजी अस्पताल प्रबंधन के प्रभाव में है। ऐसे डॉक्टर और मरीज सिम्स आए मरीजों को किसी न किसी निजी अस्पतालों में रिफर करने पर तुले रहते है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इसकी लिए उन्हें निजी अस्पतालों से कमीशन के रूप में मोटी रकम मिलती है। यही हाल सिटी स्कैन, MRI, सोनोग्राफी मशीन, एक्सरे मशीन की है। सिम्स में सभी महत्वपूर्ण मशीन अक्सर खराब रहती है या कर दी जाती है। इसका फायदा निजी अस्पताल प्रबंधन उठाते है। क्योंकि मशीन बंद रहने के कारण मरीजों को मंहगे दाम पर जांच करने पड़ती है। इसके लिए भी संबंधित विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों को कमीशन मिलता है। जिला प्रशासन को ऐसी ही समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना होगा तभी गरीब मरीजों को लाभ मिलेगा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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