डीजीपी हाईकोर्ट तलब, विवेचक की गलती से न्यायालय ने दिए आदेश, जब्त सामग्री का नही किया वजन और पंचनामा

बिलासपुर। विवेचक की लापरवाही ने प्रदेश के डीजीपी की परेशानी बढ़ा दी है। हाईकोर्ट उन्हें 24 मार्च को ब्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। विवेचक ने जब्त आरोपियों से नशीली दवाइयों का वजन और तौल का पंचनामा नही बनाया है। विवेचक हाईकोर्ट में उपस्थित हुआ था लेकिन कोर्ट उनके जवाब से संतुष्ट नही हुए।
नशे की सामग्री के साथ गिरफ्तार पृथ्वी नेपाली ने अधिवक्ता समीर सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी प्रस्तुत की है। इसमें उसने बताया कि राजनांदगांव के छुरिया थाना पुलिस ने जांच के दौरान स्कूटी सवार दो व्यक्तियों को नशे की सामग्री के साथ 6 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। इसमें पृथ्वी नेपाली से 1200 टेबलेट और ठाकुर राम से 2700 कैप्सूल जब्त हुए। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 व 27 के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। आरोपियों की जमानत अर्जी सेशन कोर्ट से खारिज हो गई है। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत आवेदन पेश किया। मामले में जस्टिस प्रशांत मिश्रा की एकल पीठ में सुनवाई हुई। न्यायालय ने विवेचक को जवाब के लिए बुलाया, न्यायलय में उन्हें बताना था कि चालान प्रस्तुत करते समय टेबलेट में अंत: प्रभावी घटक कितना ग्राम है। इसका उल्लेख किया गया है। लेकिन टेबलेट के पूरे वजन व तौल का पंचनामा नहीं किया गया है। जिसके कारण आरोपी के खिलाफ चार्ज लगने में परेशानी हो सकती है। बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विवेचक ने अपना जवाब तो दिया मगर इससे हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को 24 मार्च को जवाब के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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