चैन पुलिंग को लेकर रेल प्रबंधन हुआ सख्त, चार महीने में ही 667 मामले दर्ज, वसूल चुके है 3 लाख से ज्यादा का जुर्माना

बिलासपुर। रेलवे ने चार महीने में ही चैन पुलिंग के 667 मामले दर्ज किए है। चैन पुलिंग करने वालों पर 3 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना ठोंक चुका है। बिना कारण चैन पुलिंग करने वालों पर 1000 रुपए जुर्माना और एक साल के लिए जेल भेजने का प्रावधान है।

यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के उद्देश्य से भारतीय रेलवे द्वारा प्रत्येक यात्री कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा प्रदान करती है। यह सुविधा केवल गंभीर एवं वास्तविक आपात स्थिति में ट्रेन को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। परंतु कुछ यात्री इस सुविधा का दुरुपयोग करते हैं, जिससे न केवल ट्रेनों की समयबद्ध संचालन प्रभावित होती है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है। मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के नेतृत्व में मंडल की सुरक्षा और संचालन में व्यवधान को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल ने ट्रेनों में अलार्म चेन पुलिंग की घटनाओं को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए हैं।
अप्रैल से जुलाई 2026 तक के आँकड़ों के अनुसार मंडल द्वारा रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत अलार्म चेन के दुरुपयोग के कुल 667 मामले दर्ज कर न्यायालय में पेश किए है। इसके माध्यम से 03 लाख 20 हजार रूपये का जुर्माना वसूल किया गया है। उल्लेखनीय है कि रेल अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने पर एक वर्ष तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। रेल प्रशासन अपने सम्मानित यात्रियों से आग्रह करता है कि बिना उचित एवं पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग न करें, ऐसा करना दंडनीय अपराध है। उक्त कृत्य से रेल संचालन पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कृपया इन पहलों का समर्थन करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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