खेत में काम कर रहे भाई बहन को भालू नोचता रहा, नहीं बचा पाए ग्रामीण, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

कांकेर। जिले के एक गांव में मादा भालू ने खेत में काम कर रहे भाई और बहन और एक महिला की जान ले ली। मारने के बाद भालू दोनो के शवों को नोचती रही। ग्रामीणों ने दोनो को बचा तो नहीं पाए लेकिन किसी ने लाइव वीडियो बना लिया। घटना बुधवार दोपहर की है। हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे रायपुर रेफर किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार घटना नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला गांव की है। बताया जा रहा है कि मादा भालू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। बच्चे की मौत के बाद से वह आक्रोशित थी। इसी बीच जंगल के समीप भालू के अचानक आ जाने से खेत में काम कर रहे ग्रामीण उसकी चपेट में आ गए। हमले में दो ग्रामीण हलालखोर जुर्री (45), चमरीन जुर्री (40) और गवरसिल्ली की रहने वाली सोरिन जुर्री की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया, जिसका उपचार किया जा रहा है। ग्रामीणों को मारने के बाद दोनों के शवों को वह नोचता रहा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। वन विभाग की टीम आसपास के जंगलों में लगातार निगरानी कर रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है भालू अभी भी गांव के आसपास जंगलों में देखा जा रहा है, जिससे लोगों में डर बना हुआ है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और अकेले जंगल या खेतों की ओर जाने से बचने की अपील की है। वन विभाग ने भालू को पकड़ने के लिए रायपुर से टीम बुलाई। टीम ने भालू को बेहोश कर पिंजरे में डाल दिया। इस दौरान ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखने को मिला।ग्रामीणों ने भालू को पकड़कर खूब पीटा। गांव वालों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही से यह हादसा हुआ। उन्होंने समय रहते वन अमले को इसकी सूचना दे दी थी। इसके बावजूद विभाग ने इसकी अनदेखी की और कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की, जिससे यह घटना हुई।

00 बच्चे की मौत से थे आक्रोशित
बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम मादा भालू के बच्चे की मौत हो गई थी। वह अपने बच्चे के आसपास घंटो तक रही और बेचैन होकर घूमती रही। बच्चे की मौत के बाद से ही वह आक्रोशित थी।मादा भालू सुबह से ही अपने मृत बच्चे को लेकर स्कूल के पीछे थी। जब स्कूली बच्चों ने हल्ला किया, तो वह उसे लेकर पीछे की झाड़ियों में चली गई। जब शाम को वन विभाग की टीम शव ले गई, तो वह और आक्रोशित हो गई। इसके बाद उसने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। हालांकि भालू के बच्चे की मौत कैसे हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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