बिलासपुर। st. Xavier’s स्कूल के तीन ब्रांच फर्जी तरीके से चल रहे है। इसको लेकर NSUI ने DEO कार्यालय में जमकर बवाल मचाया।
एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के नाम सिटी मजिस्ट्रेट व जिला शिक्षा अधिकारी टी. आर साहू को ज्ञापन सौंपकर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश पर त्वरित रोक लगाने की मांग की है। साथ ही st. Xavier’s स्कूल के चार ब्रांच जबड़ापारा सरकंडा, उसलापुर कोटा और सिरगिट्टी ब्रांच को तत्काल बंद करने के मांग भी की है। रंजेश सिंह ने तीन बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही करने की बात कही जिसमे 1. सीबीएसई बोर्ड ने जिले में सेंट जेवियर्स स्कूल संचालित करने के लिए सिर्फ दो स्थानों भरनी और व्यापार विहार को अनुमति दी है, लेकिन स्कूल प्रबंधन जबड़ापारा सरकंडा, उसलापुर, सिरगिट्टी और कोटा में फर्जी तरीके से हाई स्कूल का संचालन किया जा रहा है। पालकों को धोखे में रखकर भारी संख्या में बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा है। इन चारों स्कूलों में स्टूडेंट्स के पालकों से मोटी फीस वसूली जा रही है, यहां हर साल एडमिशन फीस ली जाती है। इन चारों संस्थानों की आय व्यय का ब्यौरा छिपाया जा रहा है। इन स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए भरनी स्थित मुख्य ब्रांच ले जाया जाता है। इन चारों जगहों पर जिला शिक्षा विभाग से सिर्फ नर्सरी से आठवीं तक स्कूल संचालित करने की अनुमति मिली हुई है। इन स्थानों पर शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार सुविधाएं तक नहीं है।
इस मामले की शिकायत पूर्व में भी हुई थी, तब डीईओ ने जांच बिठाई थी। जांच अधिकारी से दो दिन में जांच कर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन आज एक माह से ज्यादा समय हो गया है, जांच रिपोर्ट का अता पता नहीं है। दूसरी ओर चारों स्कूलों में विद्यार्थियों को धड़ल्ले से दाखिला दिया जा रहा है। NSUI ने मामले की जांच होने तक इन स्कूलों में दिए जा रहे एडमिशन पर रोक लगाने को मांग की है। इसी तरह महमाया पब्लिक स्कूल रतनपुर में सत्र 2022 एवम 23 में टोटल आरटीई के तहत अध्ययनरत 443 बच्चो ने ड्रॉप आउट किया है। सवाल ये उठता है कि शहर स्थित प्रतिष्ठित स्कूलों में भी इतनी अधिक संख्या में आरटीआई के छात्र छात्राएं नही है फिर इस स्कूल में इतने आरटीआई के बच्चे कैसे अध्यनरत थे इसकी जांच हो। आखिर दो साल के भीतर आरटीआई के तहत अध्यनरत बच्चो ने ही ड्रॉप आउट क्यों किया ? यह जांच का विषय है ? उन्होंने आरोप लगाया है कि यहां सरकार के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है। 3. जिले में संचालित सीबीएसई और सीजीबीएसई संस्थान द्वारा मान्यता प्राप्त लगभग सभी स्कूल संस्थान द्वारा अलग अलग पब्लिकेशन की बुक का उपयोग किया जाता है, जिससे छात्र और पालक इन पुस्तकों को खरीदने के लिए बाध्य हो जाते हैं। ये बुक स्कूल या प्रबंधन द्वारा बताए गए शॉप से ही खरीदने की मजबूरी होती है। बुक्स की आड़ में स्कूल प्रबंधन द्वारा कमीशनखोरी की जाती है। एक जानकारी के अनुसार एनसीईआरटी प्रकाशन की कुछ क्लास की पुस्तकें महज 500 रुपए में मिल जाती हैं, जबकि इसी क्लास की प्राइवेट प्रकाशन की पुस्तकों की कीमत 2500 से 3000 रुपए होती है। अगर सभी संस्थान को एक माध्यम से मान्यता मिली हुई है तो फिर यहां बुक्स अलग अलग क्यों चलाई जा रही है। हमारी मांग है कि सभी स्कूलों में उन्हीं पुस्तकों को चलाया जाए, जो पुस्तकें मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल और स्वामी आत्मानंद स्कूलों में चल रही है।
रंजेश सिंह ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा की पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई थी जिसपर दो दिनों के भीतर जांच का कार्यवाही करने की बात कही गई थी। लेकिन आज एक महीने बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई है। पालको और छात्रों को अंधकार में रख कर प्रवेश करा मोटी फीस वसूल रहें हैं।
साथ कहा कि सभी स्कूलों को मान्यता या सीबीएसई बोर्ड देती है या सीबीएसई तो अलग अलग जगह प्राइवेट पब्लिकेशन वाला अलग अलग बुक क्यों संचालित हो रहा है ? इसके जिम्मेदार कौन है ? ये भी जांच का विषय है।
रंजेश सिंह ने कहा कि अगर दो दिवस के भीतर कार्यवाही नही होती है तो एनएसयूआई सैकड़ों साथियों के साथ डीईओ ऑफिस का घेराव करेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग कि होगी। साथ ही पूर्व में जो जांच कमिटी के सदस्य थे उनपर कार्यवाही की जाए। शाम 6 बजे छात्रनेता अड़े रहे अंततः DEO ने मामले को संज्ञान में लेते हुए स्कूल के लिए जांच कमिटी का गठन कर दिया है। पूर्व में जांच कमिटी सदस्य शकुंतला ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूरे जिले में सैकड़ों की संख्या में गैरमान्यता प्राप्त अवैध स्कूल संचालित हैं, जिसे संज्ञान में लेने की जरूरत है। ज्ञापन सौपते के दौरान छात्रनेता पुष्पराज साहू, प्रदीप सिंह, करन यादव, अखिलेश साहू, विन्नी विश्वकर्मा, मिट सोनवानी, अंशु महराज, हनी निषाद, धनेश्वर साहू, मानु ठाकुर, राजा विश्वकर्मा ,चंद्रेश बंजारे, सागर लहरे, लक्की साहू, अनुराग कुमार, श्याम कुमार व अन्य उपस्थित रहे।
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