

रायपुर। दो अलग-अलग में ACB की टिम ने BMO और एक बाबू को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। BMO बिल पास करने के लिए 15 हजार रुपए रिश्वत मांग रहा था तो स्वस्थ संचनालय में पदस्थ बाबू अध्ययन अवकास की फाइल आगे बढ़ने के लिए 20 हजार रुपए मांग रहा था।
ACB और EOW शिकायत मिलते ही लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। दंतेवाड़ा निवासी सुनील कुमार नाग ने एन्टी करप्शन ब्यूरो जगदलपुर कार्यालय में शिकायत की थी कि उसके द्वारा विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय दंतेवाड़ा में दो वाहन किराये पर चलवाई जा रही थी। वाहन किराया का बिलों का भुगतान जनवरी महीने से नहीं हो रहा है। BMO कार्यालय में बिल भुगतान करने के लिए कई बार आवेदन – निवेदन किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बीच उससे बिलों के भुगतान के लिये विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ० वेणु गोपाल राव ने 15 हजार रूपये रिश्वत की मांग की। लेकिन वह रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था। बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों BMO को पकड़वाना चाहता था। तब उन्होंने ACB में इसकी शिकायत की। सत्यापन के बाद शिकायत सही पाये जाने पर ACB की टिम ने BMO को ट्रेप करने योजना बनाई और प्रार्थी को पैसा देकर भेजा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने BMO को पैसा दिया ACB की टिम ने BMO डॉ० वेणु गोपाल राव को यूजिबल कार्यालय में 15 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। दूसरे मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजिम स्टाफ नर्स नेमिका तिवारी का है। उन्होंने एन्टी करप्शन ब्यूरो रायपुर कार्यालय में शिकायत की थी कि उसके द्वारा अध्ययन अवकाश स्वीकृति के लिये जिला स्वास्थ्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। अग्रिम कार्यवाही लिए आवेदन संयुक्त संचालक (नर्सिंग), संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें सेक्टर-19 नवा रायपुर कार्यालय में लंबित था। फाईल को अगली प्रक्रिया के लिये आगे बढ़ाने कार्यालय के सहायक अधीक्षक सूरज कुमार नाग 20 हजार रूपये का रिश्वत मांग रहा था। नेमिका तिवारी रिश्वत नहीं देना चाहती थी, बल्कि रिश्वत लेते रंगे हाथों आरोपी को पकड़ पकड़वाना चाहती थी। इसलिए उसने ACB से शिकायत कर दी। सत्यापन करने पर शिकायत सही पाये जाने पर ACB की टिम ने योजनाबद्ध तरीके से 19.07.2024 को आरोपी सूरज कुमार नाग को उसके शासकीय आवास के पास से प्रार्थी से 20 हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है।
एन्टी करप्शन ब्यूरो, छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों से अपील करती हैं कि रिश्वत/भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें हमारे ई-मेल, टोल-फ्री नंबर (1064) अथवा स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर कर सकते हैं।
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