बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के घर पर बलौदा बाजार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी अजय झा, एसआईटी टीम के सदस्य निरीक्षक प्रणाली वैद्य सहित पुलिस बल पहुंची। लेकिन देवेंद्र यादव घर से गायब थे। इसलिए पुलिस को बिना पूछताछ किए ही वापस लौटना पड़ा है। पुलिस का कहना है कि श्री यादव जांच में सहयोग नहीं कर रहे है। जबकि पुलिस केवल ये जानना चाहती है की आखिर वो किस हैसियत से धरना में शामिल हुए थे।
बलौदा बाजार कोतवाली थाने से तीन बार नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए बुलाया जा चुका है। लेकिन विधायक देवेंद्र यादव पुलिस की जांच में सहयोग नहीं करने के कारण पुलिस उनके घर पर पूछताछ करने के लिए पहुंची थी। हालांकि इस दौरान भी देवेंद्र यादव पुलिस का सहयोग करते हुए दिखाई नहीं दिए।
दरअसल 10 जून को सतनामी समाज ने बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में हुए प्रदर्शन में सतनामी समाज के लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त जिला कार्यालय में तोड़फोड़ करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आग लगा दिया था। इस मामले में 170 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
हिंसा और आगजनी के बाद सोशल मीडिया में डाले गए वीडियो पोस्ट में भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव प्रदर्शन स्थल दशहरा मैदान में मौजूद दिखे थे। साथ ही उनके साथ में मौजूद लोगों को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना को अंजाम देते हुए का वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में देवेंद्र यादव की मौजूदगी और उनके साथ बैठे लोगों के हिंसा और आगजनी में शामिल होना पाते हुए पुलिस ने अन्य लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
00 भाजपा ने विधायक की भूमिका पर उठाए थे सवाल
घटना के बाद से ही विधायक देवेंद्र यादव की भूमिका पर भाजपा ने सवाल खड़े किए थे। इसके कारण बलौदा बाजार पुलिस देवेंद्र यादव से पूछताछ करना चाहती है। क्योंकि भिलाई नगर विधायक के संबंध में यह भी बात कही जा रही है कि वे बिना बुलाए ही इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। हालांकि देवेंद्र यादव कई मौके पर आयोजकों द्वारा बुलाए जाने की बात मीडिया के समक्ष कह चुके हैं।
00 जांच का विषय किस हैसियत से आए थे, मंच पर क्यों नहीं गए ?
विधायक देवेंद्र यादव बलौदा बाजार जिले के किसी विधानसभा क्षेत्र से कभी चुनाव नहीं लड़े। गिरोदपुरी के महकोनी ग्राम जो कि कसडोल विधानसभा क्षेत्र में आता है के वे विधायक और जनप्रतिनिधि नहीं हैं। वे सतनामी समाज और अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के गुरु और नेता भी नहीं हैं और उस वर्ग से है भी नहीं। वे कांग्रेस कमेटी के न तो प्रदेश अध्यक्ष हैं, न ही वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति जनजाति विभाग के अध्यक्ष हैं, न ही वे रायपुर संभाग के नेता हैं और न ही वे बलौदा बाजार जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और नेता हैं और न ही वे रायपुर लोकसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि हैं। ऐसे में वे किस हैसियत से आए थे और अगर उन्हें बुलाया गया था तो मंच पर क्यों नहीं बैठाया गया पुलिस इन विषयों की जांच कर रही है।
00 नोटिस का जवाब नहीं दे रहे
विधायक देवेंद्र यादव को पुलिस तीन बार नोटिस जारी की है। आरोप लग रहे हैं कि वे प्रदेश में घटित हुई इतनी बड़ी घटना में चल रही जांच में पुलिस का सहयोग करना तो दूर वे पुलिस बल से मिल तक नहीं रहे हैं। यही वजह है कि विधायक की भूमिका सतनामी समाज के प्रदर्शन में संदिग्ध हो चुकी है।
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