सुदीप श्रीवास्तव और साथियों को नहीं मिला मुख्यमंत्री से मिलने का समय.. बड़े बेआबरू होके निकले सर्किट हाउस के दरवाजे से…

बिलासपुर। हवाई सेवा के लिए कई महीने से धरना देने वालों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलने के लिए समय नहीं मिला। यही कारण है कि आंदोलन के नेतृत्वकर्ता को अपने साथियों के साथ बड़े बेआबरु होके सर्किट हाउस से लौटना पड़ा।

बिलासपुर के आंदोलनजीवियों को शनिवार तगड़ा झटका लगा, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिलने के लिए उन्हें समय ही नहीं मिला। दरअसल हवाई सेवा को विस्तार देने के लिए सुदीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में पिछले कई महीनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। इस महाधरना में कई सामाजिक संगठन अपनी सहभागिता दे चुके है। लेकिन धरना अब केवल टाइमपास बनके रह गया है। शहर के निठल्ले नेता वहां नियमित धरने पर बैठ रहे है और चाय पान के बाद अपने अपने घर चले जा रहे है। आंदोलन अब अपनी धार भी को चुकी है। यही कारण है उन्हे अब उतना तवज्जो नहीं मिल रहा है जितन मिलना चाहिए। अब शनिवार का ही मामला ले लें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शहर में थे। लिहाजा अपनी पूछ परख को मजबूत करने के गरज से आंदोलनकारी मुख्यमंत्री से मिलने की जुगत में लग गए। पहले उन्होंने उद्योगपतियों से संपर्क किया की उन्हे उनके कार्यक्रम के दौरान पांच मिनट का समय मुख्यमंत्री से मिलने के लिए दिला दें। लेकिन उद्योगपतियों ने न केवल हाथ खड़े कर दिए बल्कि मंच के आसपास भी नही फटकने की नसीहत दे डाली। इसके बाद पूरा गैंग सर्किट हाउस पहुंच गया। जब यहां पहुंचे तो सर्किट हाउस में अमर अग्रवाल, धरमजीत सिंह, धरम लाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, भूपेंद्र सवन्नी समेत सभी दिग्गज नेता मिल गए। गैंग के मुखिया ने सभी से मुख्यमंत्री से समय दिलाने मिन्नतें की लेकिन सब ने कलेक्टर अवनीश शरण की ओर इशारा कर दिया। जिहाजा सबके सब कलेक्टर के पास पहुंच गए और मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय दिलाने का आग्रह करने लगे। लेकिन कलेक्टर ने साफ मना कर दिया। इसके बाद पूरा गैंग मुंह लटकाकर वापस लौट आए। सबके चेहरे में मायूसी साफ झलक रही थी। अब निकट भविष्य में धरना बंद हो जाए तो आश्चर्य नहीं है। लेकिन एक सवाल यक्ष प्रश्न बनकर खड़ा हो रहा है कि निठल्ले नेताओं का समय कैसे कटेगा ?

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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