तहसीलदार की धमकी महत्वपूर्ण है या हॉस्टल वार्डन पर लगे गंभीर आरोप ? असामाजिक तत्वों द्वारा छात्राओं को भड़काने के पीछे क्या मकसद ?

बिलासपुर। मस्तुरी क्षेत्र के पचपेड़ी में कन्या छात्रावास की छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्राओं ने वार्डन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए सोमवार को चक्काजाम कर दिया। छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल वार्डन ने उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाया है और वायरल करने की धमकी देती हैं। इस बीच प्रदर्शन समाप्त कराने पहुंची तहसीलदार ने छात्राओं को डराने के लिहाज से जेल भेजने की धमकी दी, जो अब तूल पकड़ लिया है। अब सवाल ये उठ रहा है की तहसीलदार की धमकी ज्यादा महत्वपूर्ण है या हॉस्टल वार्डन पर लगे गंभीर आरोप ज्यादा महत्वपूर्ण है ? आखिर विवाद का रुख तहसीलदार की तरफ मोड़ने के पीछे क्या मकसद है ?

बिलासपुर जिले के मस्तूरी स्थित पचपेड़ी के 100 सीटर कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर सड़क जाम कर दिया है। इसके चलते बिलासपुर, मस्तूरी बलौदाबाजार मार्ग में वाहनों की लंबी कतार लग गई है। जिससे मुख्यमार्ग घंटों बाधित रहा। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल में उन्हें गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिसके कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में मेनू के आधार पर गर्म और ताजा भोजन नहीं मिलता, खेल सामग्री नही है, प्रशासन सामग्री, कम्प्यूटर और लाइब्रेरी, पीने के लिए साफ और नहाने के लिए पर्याप्त पानी, सेनेटरी सामग्री जैसी सुविधा नहीं मिलती हैं।
छात्राओं की शिकायत की है कि उन्हें एक्सपायरी डेट की सामग्री से बना भोजन और नाश्ता दिया जाता है, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। इसके अलावा छात्राओं ने बताया कि आरएसएम कंपनी के सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग कराया जा रहा है, जो गुणवत्ता में खराब है। छात्राओं की मांग है कि उन्हें अच्छी कंपनियों का सामान मिले और मेन्यू के अनुसार भोजन प्रदान किया जाए। इसके अलावा छात्राओं ने 22 सूत्रीय मांगों में छात्राओं ने जो सबसे गंभीर आरोप लगाए है उनमें हॉस्टल की अधीक्षिका पर बच्चियों की नग्नअवस्था में वीडियो शूट करने का है। हॉस्टल वार्डन छात्राओं की नग्न वीडियो वायरल करने की धमकी देती है और उनसे हॉस्टल का काम भी करवाती है। अब छात्राओं का प्रदर्शन समाप्त कराने पहुंची तहसीलदार का यह कहना की लिखकर दूंगी तो जेल चले जाओगे ने तूल पकड़ लिया है। अब सवाल ये उठ रहा है हॉस्टल वार्डन पर लगे आरोप ज्यादा गंभीर है या तहसीलदार की धमकी ? क्या तहसीलदार की धमकी को ज्यादा तवज्जो देकर हॉस्टल में सक्रिय असामाजिक तत्व वार्डन पर लगे आरोप को दबाना चाह रहे है ? आखिर वार्डन की गलतियों को छुपाकर तहसीलदार की धमकी को लेकर छात्राओं को भड़काने वाले असामाजिक तत्वों की मंशा क्या है ? क्योंकि प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए अक्सर इस तरह की धमकी देते है ताकि फौरी तौर पर प्रदर्शन समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल किया जा सके।

00 वो असामाजिक तत्व कौन ?

छात्राओ द्वारा छात्रावास वार्डन के खिलाफ 22 सूत्रीय मांगो को लेकर धरना दिया जा रहा था। उनकी मांगो को सुनने प्रदर्शन स्थल पर गई तहसीदार ने छात्राओं के लिए नास्ते की व्यवस्था की, क्योंकि बीती रात से छात्राओ ने कुछ नहीं खाया था। जब नाश्ता करने छात्राओं को स्कूल के कमरे में लाया गया तो कुछ असामाजिक तत्व उन्हे भड़काने पहुंच गए और स्कूल में तोड़फोड़ करने व उग्र प्रदर्शन करने के लिए उकसाते रहे। आखिर भड़काने वाले लोग कौन है ? किसके कहने पर वे सक्रिय हुए ?

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *