तहसीलदारों ने 3 कालोनाइजरों को खैरात में बांट दी करोड़ो की जमीन, कलेक्टर ने भेजा निलंबित करने का प्रस्ताव

बिलासपुर। एक अतिरिक्त और एक नायब तहसीलदार ने बिल्डरों को सरकारी जमीन खैरात में बांट दी। अब दोनो के खिलाफ कार्रवाई की तलवार लटक रही है, क्योंकि कलेक्टर ने दोनो को निलंबित करने का अनुसंशा करते हुए प्रस्ताव संभाग आयुक्त को भेज दिया है। जिन तहसीलदारों के निलंबन हेतु प्रस्ताव भेजे गए हैं उनमें से शेषनारायण जायसवाल जीपीएम और शशिभूषण सोनी बिलासपुर जिले में अभी पदस्थ है।

तत्कालीन अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर शशिभूषण सोनी ने राज कन्स्ट्रक्शन के भागीदार अर्जुन सिंह कछवाहा पिता शैलेन्द्र सिंह कछवाहा को ग्राम बिरकोना म०नं० 01 तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० स्थित निजी भूमिस्वामी हक की भूमि खसरा कमांक 1330/2 रकबा 0.279 हे० के सामने स्थित शासकीय भूमि खसरा कमांक 1331 को अपनी भूमि पर आवागमन के लिए उपयोग करने आवेदन दिया। तहसीलदार ने किसी प्रकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होने की बात कहते हुए बिल्डर को जमीन एलाट कर दिया। आवेदक को भविष्य में किसी प्रकार के भूमि अर्जन, भूमि आबंटन या किसी अन्य प्रयोजन के लिए दावा-आपत्ति पर पृथक से निराकरण किये जाने तथा शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 1331 के मूल स्वरूप को अपरिवर्तित रखते हुए आवागमन के लिए उपयोग करने की शर्त पर आवेदक को ग्राम बिरकोना म०नं० 01 तहसील व जिला बिलासपुर छ०ग० स्थित खसरा क्रमांक 1330/2 रकबा 0.279 हे0 के सामने शासकीय भूमि खसरा कमांक 1331 (30 फीट चौड़ा रास्ता) का उपयोग रास्ते के लिए दे दी। साथ ही प्रकरण में अलग से किसी प्रकार के आदेश की आवश्यकता नहीं होने के कारण समाप्त किये जाने का आदेश पारित कर दिया। इस भूमि पर तत्कालीन संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर द्वारा पत्र कमांक 1208/न.ग्रा.नि./ प्र.क्र. 13/सी.जी.आ. 00172/धारा 29/22 बिलासपुर दिनांक 11.04.2022, पत्र क्रमांक 1877/न.ग्रा.नि./ प्र.क. 45/सी.जी.आ. 00005/धारा 29/23 बिलासपुर दिनांक 13.04.2023 एवं पत्र कमांक 351/न.ग्रा.नि./ प्र.क. 68/सी.जी.आ. 00149/23/धारा 29/24 बिलासपुर दिनांक 10.01.2024 के द्वारा आवेदकों को आवासीय/भू-खण्डीय विकास अनुज्ञा जारी करने हेतु पत्र जारी किया गया है।मामले की जांच के बाद कलेक्टर ने पाया कि संलग्न दस्तावेज से स्पष्ट है कि भूमि बंटन /व्यवस्थापन के संबंध में लागू छ०ग० शासन राजस्व एव आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र क्रमांक एफ -7-117/सात-1/2011 वर्ष 2011 के अनुसार सार्वजनिक मार्ग और आवेदित कालोनी/भू-खण्ड के मध्य शासकीय भूमि अथवा निजी भूमि है तो पहुंच मार्ग हेतु शासकीय भूमि का आबंटन नियमानुसार मार्ग निर्माण हेतु किया जा सकेगा। इस तरह आबंटित की जाने वाली भूमि प्राईवट बिल्डर्स को शासकीय/नजूल भूमि आबंटन हेतु गठित अंर्तविभागीय समिति द्वारा प्रचलित गाईड लाईन पर आबंटित की जावेगी। भूमि आबंटन के पश्चात ही अनुज्ञा जारी किया जाना उचित होगा। क्योंकि किसी भी आवासीय स्थल तक पहुंच मार्ग उपलब्ध होने से भू-खण्ड का मूल्य संवर्धन होता है। इसी तरह शेष नारायण जायसवाल ने गायत्री कन्स्ट्रक्शन के राघवेंद्र गुप्ता को खसरा नंबर 8/1 की 11.1170 हेक्टेयर जमीन दे दी। बिल्डर ने इस जमीन पर 160 फिट लंबा और 32 फिट चौड़ा सड़क बना लिया है। बिल्डर ने अपनी जमीन में सड़क बनाकर देने के बजाए सरकारी जमीन में सड़क बनाया और अपनी कालोनी की प्रस्तावित सड़क को प्लाटिंग करके बेच दिया है। इसी तरह शशिभूषण सोनी ने श्रीराम सरिता बिल्डर्स एंड कालोनाइजर आशीष गुटा को भी सरकारी जमीन देकर लाभ पहुंचाया है। सोनी ने बहतराई में आशीष गुप्ता को कालोनी के लिए 40 फिट चौड़ी जमीन दी है।

कलेक्टर ने मामले की जांच ज्वाइंट कलेक्टर मनीष साहू (ओआईसी, लेंड रिकार्ड) से कराया। जांच रिपोर्ट में तात्कालिक नायब तहसीलदार शेषनारायण जायसवाल एवं अतिरिक्त तहसीलदार शशि भूषण सोनी ने पद का दुरुपयोग करते हुए कॉलोनाइजर को शासकीय भूमि से नियम विरुद्ध रास्ता प्रदान कर शासन को राजस्व की क्षति पहुंचाने की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने दोनों को निलंबित करने एवं विभागीय जांच संस्थित करने हेतु संभाग कमिश्नर को प्रतिवेदन भेजा है। इसके अलावा लाभान्वित हुए तीनों बिल्डरों का लेआउट भी निरस्त किया जा रहा है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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