बुलडोजर चलाकर पांच एकड़ सरकारी जमीन को कराया कब्जा मुक्त, पाटलिपुत्र विकास मंच के अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र दास ने किया था कब्जा

बिलासपुर। सीपत के तहसीलदार ने कलेक्टर और SDM के आदेश पर पांच एकड़ सरकारी जमीन को बेजा कब्जा से मुक्त करा दिया। इस जमीन पर पाटलिपुत्र विकास मंच के अध्यक्ष धर्मेंद्र दास ने कब्जा करके बाउंड्रीवाल बना लिया था। सोमवार को तहसीलदार ने इस पर बुलडोजर चलवा दिया।

कलेक्टर अवनीश शरण के आदेश पर सीपत तहसील स्थित पंधी खजुरी गांव में अतिक्रमण किये गए सरकारी जमीन को SDM ने खाली करवा दिया है। तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने यहां हुए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही कोर्ट आदेश का पालन करते हुए तहसीलदार ने एसडीएम के आदेश पर निजी जमीन पर किये गये बलात कब्जे को भी खाली कराया है। कोरोना काल के काल दौरान पंधी खजुरी स्थित सड़क से लगी सरकारी जमीन पर पाटलीपुत्र संस्कृति विकास मंच के अध्यक्ष धर्मेन्द्र दास और नरेन्द्र दास के खाते में चढ़ गया। कब्जा की गयी सरकारी जमीन से लगी दोनों की निजी जमीन भी है। इसी का फायदा उठाते हुए पांच एकड़ सरकारी जमीन पर दोनों भाइयों ने कब्जा कर लिया। मामले में शिकायत के बाद कलेक्टर अवनीश शरण के आदेश पर जल्द सुनवाई कर मस्तूरी एसडीएम अमित सिन्हा ने दर्ज रोड रास्ता की जमीन को अवैध कब्जे से हटाने के आदेश दिए और सरकारी जमीन को वापस शासन के खाते में चढ़ाया। साथ ही सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाये गए निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया। मंगलवार को आदेश पर अमल करते हुए सीपत तहसीलदार ने बाउन्ड्रीवाल समेत अन्य निर्माण पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।इसके अलावा कोर्ट के आदेश पर संजय दुआ की खसरा नम्बर 89/5, 89/8 और 89/9 की जमीन पर कब्जा कर बनाए गये डेयरी को भी हटाया गया है। यद्यपि डेयरी को पहले ही हटा लिया गया था। लेकिन अभी तक पाटलीपुत्र संस्कृति विकास मंच के अध्यक्ष धर्मेन्द्र दास ने कब्जा नही छोड़ा था। एसडीएम के आदेश पर तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर निर्माण पर बुलडोजर चलाया। करीब पांच एकड़ जमीन खाली कराया। एसडीएम मस्तूरी ने कहा कि कलेक्टर महोदय का स्पष्ट आदेश है कि सरकारी जमीन पर किसी को बलात अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। आदेश मिलने पर हमने अभियान चलाकर अतिक्रमण खाली कराया गया है। साथ ही सख्त निर्देश भी दिए गए है कि नियम के खिलाफ किए गये किसी भी अतिक्रमण को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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