बिलासपुर। पारिवारिक विवाद के बीच एक 16 साल के नाबालिग लड़के ने अपनी दादी पर ही गोली चला दी। इसमें दादी के अलावा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया है। गोली चलाने के बाद लड़के ने पुष्पा फिल्म की ‘पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या..? फ्लावर नहीं… फायर हूं मैं… वाला डायलॉग भी मारा। फिलहाल पुलिस ने बंदूक समेत लड़के को गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना सीपत थाना अंतर्गत मटियारी की है। 13 दिसंबर की रात 16 वर्षीय बालक और उसके चाचा के बीच परिवारिक बातों को लेकर विवाद हो रहा था। झगड़े के दौरान बड़ी संख्या में पड़ोसी और रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी। चाचा – भतीजे के बीच करीब आधा घंटे से विवाद और गाली-गलौज हो रही थी। इसी बीच गुस्से में आकर नाबालिग दौड़ते हुए अपने घर गया और भरमार बंदूक लेकर बाहर निकला। इसके बाद जोर से पुष्पा फिल्म का डॉयलाग “पुष्पा को फ्लॉवर समझा क्या, फ्लॉवर नहीं, फायर है मैं… बोलते हुए फायर कर दिया। भरमार बंदूक से की गई फायरिंग से निकला छर्रा पास खड़ी दादी और एक अन्य युवक आशीष शिकारी के दाएं हाथ में लगा। जिससे दोनों घायल हो गए। फायरिंग की सूचना मिलते ही सीपत पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग को हिरासत में लेकर लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली। फायरिंग से घायल दादी और युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी स्थिति सामान्य है। पीड़ित आशीष की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी नबालिग के खिलाफ 110 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है बंदूक का लाइसेंस आरोपी लड़के के दादा के नाम पर है, जो 1987 में शासन के द्वारा जारी किया गया था। तब से बंदूक घर पर थी। आपको बता दें मटियारी गांव में शिकारियों की पूरी बस्ती है। यहां ज्यादातर घरों में भरमार बंदूक है। शिकारी इसका उपयोग सालों से चिड़ियों का शिकार करने में उपयोग करते रहे है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMarch 30, 2026जिले में पेट्रोल, डीजल और LPG पर्याप्त, भीषण गर्मी में स्टोर करने का खतरा न ले – कलेक्टर
शिवरीनारायणMarch 30, 2026विश्व में कोसला ऐसा एकमात्र पावन धाम जहां चैत्र शुक्ल नवमी को मनाया जाता है : माता कौसल्या, पुत्र राम लला और राजा दशरथ का भव्य जन्मोत्सव
बिलासपुरMarch 29, 2026इनामी नक्सली कमांडर ढेर, पांच लाख था इनाम, अब नक्सलियों के लिए बचा है दो दिन का समय
शिवरीनारायणMarch 28, 2026युवोजल-उत्सव का साप्ताहिक अभियान सफलतापूर्वक संपन्न, सोनाखान के युवाओं ने संभाली जल संरक्षण की जिम्मेदारी
