बिलासपुर। शहर के डॉ अरुण पटनायक ने हावर्ड यूनिवर्सिटी में व्याख्यान देकर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। प्रदेश के वे पहले विद्वान है जिन्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस यूनिवर्सिटी में अभी तक राजीव गांधी, मनमोहन सिंह, सुब्रमण्यम स्वामी और शशि थरूर जैसे लोगों को ही व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित करती रही है।
हावर्ड यूनिवर्सिटी में ग्लोबल रिसर्च कॉन्फ्रेंस (जीआरसी) का आयोजन 6 से 9 दिसंबर 2024 तक आयोजित की गई थी। इस प्रतिष्ठित आयोजन में दुनियाभर के शोधार्थी, विद्वतजन, राजनयिक, उद्योगपति शामिल हुए। यही नहीं आयोजन में अमेरिका के चार से पांच राज्यों के गवर्नर भी शामिल हुए। हावर्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित जीआरसी 2024 के आयोजन में डॉ पटनायक ने “एक हरे और समावेशी भविष्य के लिए जनरेटिव एआई : सभी के लिए स्वचालन, शिक्षा और कौशल” विषय पर व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में उन्होंन जरेटिव AI पर एक स्थायी, न्यायसंगत भविष्य को आकार देने में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित किया। ग्लोबल रिसर्च कॉन्फ्रेंस (जीआरसी) को इस वर्ष भारत से छत्तीसगढ़ राज्य बिलासपुर गणेश नगर अन्नपूर्णा कॉलोनी निवासी समाजसेवी, शिक्षाविद एवं कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त डॉ पटनायक को व्याख्यान देने के लिए अतिथि के रूप में चुना गया था। इस उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ राज्य एवं बिलासपुर शहर गौरांवित है। आज दोपहर राजधानी एक्सप्रेस से उनका आगमन हुआ रेलवे स्टेशन पर उनके शुभचिंतक चाहने वालों ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत करने वालों में जिला फुटबॉल संघ बिलासपुर, आंध्र समाज स्कूल के शिक्षक, स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एन रमन मूर्ति सचिव निवास राव बिलासपुर जिला तैराकी संघ, जिला खो खो संघ, भाजपा रेलवे एवं सिरगिट्टी मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, कोदंड रामालय समिति, डीपी विप्र कॉलेज के शिक्षक गण, फिल्म अभिनेता अखिलेश पांडे, शिक्षाविद टीवीएस रमेश, टेबल टेनिस संघ, गणेश नगर वार्ड के पार्षद इब्राहिम खान, अब्दुल भाई, पूर्व हज कमेटी के अध्यक्ष सैफुद्दीन, पूर्व पार्षद अमरदास बंजारे, रेलवे नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट के पूर्व अध्यक्ष मधु बाबू, सत्य साई सेवा समिति बिलासपुर, इरफान भाई, जितेंद्र कुर्रे, पूर्व पार्षद कामेश राव, अनिल कश्यप, मोहित कुर्रे, सामाजिक कार्यकर्ता संजीव पाल, अनुराधा अनु बहन, जिला ऑटो संघ सचिव जराट वेल हॉल्टन, कांग्रेस सेवादल रेल्वे जोन प्रभारी मकसूद खान, यू मुरली राव एवं मोहल्ले की महिलाएं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
00 कौन है पटनायक – डॉ शिवम अरुण कुमार पटनायक का जन्म विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में वर्ष 1974 में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय एस जे राब पटनायक रेलवे में तैनात थे और 1974 में दक्षिण पूर्व रेलवे बिलासपुर में काम कर रहे थे। उन्होंने कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया था जब डॉ अरुण पटनायक केवल 3 महीने के थे। पिता की मौत के बाद शैक्षणिक योग्यता कम होने की वजह से उनकी मां को रेलवे स्कूल में चपरासी के रूप में नौकरी दी गई थी। डॉ अरुण ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अपने स्पीच में बताया कि उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा उसी स्कूल में की जहां उन्होंने अपनी मां को दैनिक आधार पर मेहनत करते देखा। जीवन के शुरुआती वर्षों में रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करना पड़ा और छोटी-मोटी नौकरियाँ करके रोजाना की रोटी कमाने में मदद करनी पड़ी। सत्य साई बाबा के एक उत्साही भक्त होने के नाते उनके भगवान ने उन्हें हाई स्कूल में पढ़ने के लिए पुट्टपर्थी बुलाया। उन्होंने, पुट्टपर्थी घाटी में दो साल बिताए जहाँ उन्होंने सीखा कि मानवता की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है।
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