मंदिर की मूर्तियों में खून के छींटे, श्रद्धालुओं में दहशत और आक्रोश, दो गिरफ्तार

गरियाबंद। जिले के एक गांव से आस्था को झकझोर देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। राजिम थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी के मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों पर खून लगाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीण जब सुबह पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो मूर्तियों में खून देखकर दहशत में आ गए और देखते ही देखते पूरे गांव में कोहराम मच गया।

देवरी गांव में ग्रामीणों के दिन की शुरुआत अन्य दिनों की तरह हुई थी। लोग स्नान ध्यान के बाद मंदिरों की ओर पूजा पाठ के लिए पहुंचने लगे थे। इसी दौरान देवरी – जेजरा रोड स्थित हनुमान, दुर्गा और शिव मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु उस वक्त दहशत में आ गए जब मंदिर की मूर्तियों में खून के छींटे देखे। हनुमान जी, दुर्गा माता और शिवलिंग की मूर्ति पर खून के छींटे देख पूरे गांव में कोहराम मच गया। लोग तरह तरह की बातें करने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और पुलिस को दी। शिकायत मिलने पर राजिम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान देवरी स्कूलपारा निवासी लीलाराम साहू (42 वर्ष) और कामता प्रसाद साहू (50 वर्ष) को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने ही मूर्तियों पर जानबूझकर खून लगाया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें कहीं से यह जानकारी मिली थी कि देवी-देवताओं को खून का तिलक लगाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इसी अंधविश्वास के चलते उन्होंने यह शर्मनाक कृत्य किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 (धार्मिक भावनाएं आहत करना) और 3 (5) (धार्मिक स्थल को अपवित्र करना) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उनके विरुद्ध पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

गिरफ्तार आरोपी -: 01 लीलाराम साहू, उम्र 42 वर्ष, पिता – श्यामलाल साहू, निवासी – ग्राम देवरी स्कूलपारा, थाना राजिम
02  कामता प्रसाद साहू, उम्र 50 वर्ष, पिता – अधारी साहू, निवासी – ग्राम देवरी स्कूलपारा, थाना राजिम

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर +919406157580
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर +919406157580

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *