बिलासपुर। जिले का स्वास्थ महकमा हर काम में फिसड्डी साबित हो रहा है। न विभाग संस्थागत प्रसव करा पा रहा है और न ही टीकाकरण कर पा रहा है। और तो और एनिमिया मुक्त करने के लिए महिलाओं को टेबलेट तक नहीं बांट पा रहा है। जबकि हर योजना के लिए मिली राशि का पूरा उपयोग हो रहा है। अधिकारी कर्मचारी वेतन और भत्ता भी पूरा ले रहे है। विडंबना तो ये है कि मंत्रालय में बैठे अधिकारियों को भी होश नहीं है कि आखिर बिलासपुर हो क्या रहा है ?
प्रदेश में स्वास्थ विभाग कैसा काम कर रहा है ये विभाग के उच्च अधिकारी जाने। लेकिन बिलासपुर जिले में स्वास्थ विभाग के काम का परफॉर्मेंस बहुत दयनीय है। सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, दंतेवाड़ा और बस्तर जैसे जिलों के अधिकारी 85 प्रतिशत से ज्यादा रिजल्ट दे रहे है। लेकिन बिलासपुर जैसे सभी सुविधाओं से युक्त जिले का परफॉर्मेंस साबित कर रहा है कि यहां बैठे अधिकारियों को काम में कोई रुचि नहीं है या कामचोरी की जा रही है। संस्थागत प्रसव के मामले में बिलासपुर का नंबर 14वां है और हाई रिस्क प्रसव डिटेक्ट करने में बिलासपुर का पूरे प्रदेश में 30वां स्थान है। आपको बता दे प्रदेश में कुल 33 जिले है। टीकाकरण के मामले में बिलासपुर जिले का 10वां स्थान है। महिलाओं को एनीमिया टेबलेट, बच्चों को टेबलेट और सिरप बांटने के मामले में भी विभाग फिसड्डी साबित हो रहा है। 5 से 9 वर्ष के बच्चों को टेबलेट बांटने के मामले प्रदेश में बिलासपुर का 19 नंबर है। बच्चों के स्वास्थ परीक्षण में भी जिला प्रदेश में 28 नंबर पर है। स्वास्थ विभाग के जो आंकड़े पेश किए है वह भी फर्जी लग रहा है। क्योंकि किसी स्कूल में स्वास्थ परीक्षण करते हुए किसी डॉक्टर को नहीं देखा गया है। टीबी नियंत्रण के मामले में विभाग पैसा तो 83 प्रतिशत खर्च कर चुका है लेकिन रिजल्ट 63 प्रतिशत बता रहा है। बिलासपुर में स्वास्थ विभाग का परफॉर्मेंस का जो आंकड़ा सामने आया है वह बेहद शर्मनाक है। मातृत्व स्वास्थ्य पंजीयन में रैंक – 29, उच्च जोखिम गर्भावस्था पहचान में रैंक – 30, टीकाकरण: रैंक – 10, एनीमिया मुक्त भारत अभियान में रैंक – 19, पोषण पुनर्वास केंद्र उपचार दर में सिर्फ 36%, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में रैंक – 28, टीबी (TV) जागरूकता में रैंक – 28, कुष्ठ रोग पहचान में रैंक – 33, मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग में रैंक – 33, डायबिटीज स्क्रीनिंग में रैंक – 33, ब्लड प्रेशर स्क्रीनिंग (30+) : रैंक – 32, स्तन कैंसर स्क्रीनिंग: रैंक – 32, गर्भाशय कैंसर स्क्रीनिंग: रैंक – 32, सिकल सेल स्क्रीनिंग: रैंक – 28, सिकल सेल कार्ड वितरण: रैंक – 26,
आयुष्मान आरोग्य मंदिर रैंकिंग: रैंक – 18 रैंक है। स्वास्थ विभाग ने जितने भी कार्यक्रम चल रहे है चाहे वो केंद्र सरकार की हो या फिर राज्य सरकार की हो सभी में विभाग फिसड्डी साबित हुआ है।
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