बिलासपुर। बेलतरा हाई स्कूल के प्रभारी प्राचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। स्कूल से 65 लाख रुपए से ज्यादा का सामान गायब हो गया और प्राचार्य ने इसकी सूचना न तो थाने में दी और न ही विभाग के अधिकारियों को बताया।
मिली जानकारी के अनुसार शासकीय हाईस्कूल बेलतरा में सरकारी मद से भवन निर्माण और मरम्मत के लिए लाखों रुपए का सामन रखा हुआ था। जिसमें खिड़कियां, दरवाजे, लोहे की ग्रिल और सरिया जैसे सामान शामिल थे। जानकारी के अनुसार खाली स्कूल भवन में लगे 4 नग लोहे का दरवाजा, 24 नग खिड़की, 16 नग लोहे की रेलिंग, 8 नग बाथरूम का रोशनदान, 2 नग चैनल गेट सहित 66 नग लोहे की सामग्री और करीब 2000 काले फर्श के पत्थर गायब है। समान के गायब होते ही स्कूल भवन पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो गया है। बिल्डिंग मटेरियल के गायब होने की जानकारी तब सामने आई जब एक दिन स्कूल निरीक्षण किया गया। मामले की जब विभागीय जांच कराई गई तो पता चला कि यह चोरी काफी समय पहले हुई थी, लेकिन प्रभारी प्रचार्य ने न तो इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई और न ही कानूनी प्रक्रिया का पालन किया।
मामला जब लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी के संज्ञान में आया, तो उन्होंने इस पर सख्त रुख अपनाया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रभारी प्राचार्य कावेरी यादव (मूल पद: व्याख्याता, एलबी) ने पद की गरिमा के विपरीत आचरण किया है। उन्होंने न केवल चोरी की घटना को छुपाया बल्कि विभाग और शासन को वित्तीय नुकसान भी पहुंचाया। इस आधार पर संचालक ने कावेरी यादव को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा है। आदेश में कहा गया है कि उन्होंने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया और शासन को ₹65 लाख की हानि पहुंचने दी। निलंबन अवधि में कावेरी यादव का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बिल्हा रहेंगी। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
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