बिलासपुर। दिव्यांग संघ के पूर्व अध्यक्ष और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। उनके ऊपर नौकरी हथियाने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने और नौकरी लगने के तीन साल बाद डिग्री प्रस्तुत करने का आरोप है।
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में पदस्थ ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी शशिकांत साहू पर गंभीर अनियमितता और नौकरी हथियाने के लिए धोखाधड़ी करने का आरोप साबित हो चुका हैं। संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, रायपुर ने इन्हें आखरीबार कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही उनकी सेवा समाप्ति की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि वर्ष 2015 की सीधी भर्ती में आवेदन की अंतिम तिथि 29 अगस्त 2015 तक श्री साहू के पास आवश्यक बी.एस.सी. (कृषि/उद्यानिकी/कृषि अभियांत्रिकी) की डिग्री नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने निःशक्तजन (दृष्टिबाधित) वर्ग में आवेदन किया। पात्रता न होने के बावजूद परीक्षा में बैठे और चयनित हो गए। सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान श्री साहू ने 10 अगस्त 2018 को जारी बी.एस.सी. (कृषि) का प्रोविजनल प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। यानी विज्ञापन की अंतिम तिथि के लगभग तीन साल बाद का। यह न केवल चयन प्रक्रिया के साथ छल है बल्कि योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों का भी हनन है। विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने के बाद अब नियम 10, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। यही कारण है कि विभाग ने अंतिम नोटिस जारी करते हुए जवाब के लिए 7 दिन का समय दिया है। इसके बाद सीधे बर्खास्तगी का आदेश जारी किया जाएगा।
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