बिलासपुर। राज्य सरकार ने राजस्व व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए GST संभागों का पुनर्गठन किया था। लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्था उलटी चलती दिख रही है। रायगढ़ संभाग के अंतर्गत आने वाले सक्ती वृत्त की असिस्टेंट कमिश्नर का कार्यालय आज भी बिलासपुर से संचालित होने का आरोप लग रहे हैं। कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच इस व्यवस्था को लेकर तीखी नाराजगी सामने आ रही है।
वस्तु एवं सेवा कर विभाग के प्रशासनिक ढांचे के अनुसार अधिकारी को अपने निर्धारित मुख्यालय में बैठकर काम करना होता है। लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार सक्ती वृत्त की असिस्टेंट कमिश्नर दीप्ति तिवारी पिछले कई महीनों से बिलासपुर के संभागीय कार्यालय से ही कामकाज संचालित कर रही हैं।
00 तीन संभागों का ढांचा बदला, रायगढ़ बना नया केंद्र
एक समय बिलासपुर जिले में प्रदेश के तीन GST संभागों के कार्यालय संचालित होते थे। बाद में प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत अंबिकापुर संभाग को अंबिकापुर स्थानांतरित किया गया और कुछ महीने पहले रायगढ़ संभाग को रायगढ़ शिफ्ट कर दिया गया।
रायगढ़ संभाग के अंतर्गत कुल पांच वृत्त आते हैं—रायगढ़ में दो, कोरबा में दो और नया वृत्त सक्ती जिले में बनाया गया है। प्रत्येक वृत्त में असिस्टेंट कमिश्नर स्तर का अधिकारी पदस्थ रहता है। सूत्र बताते हैं कि सक्ती जिले में कार्यालय भवन लगभग चार–पांच महीने पहले तय हो चुका है और अधिकांश प्रशासनिक व्यवस्था भी तैयार है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित अधिकारी न तो सक्ती में नियमित रूप से बैठती हैं और न ही रायगढ़ संभागीय कार्यालय से कामकाज संचालित करती हैं। बताया जाता है कि बिलासपुर संभागीय कार्यालय में एक अलग कक्ष बनाकर वहीं से पूरा कामकाज चलाया जा रहा है।
00 कर्मचारियों में नाराजगी, फाइलों के लिए बिलासपुर का चक्कर
सक्ती वृत्त से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रही है। कई मामलों में फाइलों पर हस्ताक्षर कराने के लिए रायगढ़ जाने के बजाय बिलासपुर आना पड़ता है। कर्मचारियों के बीच यह भी चर्चा है कि नियमों के विपरीत चल रही इस व्यवस्था से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और अंदरखाने असंतोष बढ़ रहा है। रायगढ़ संभागीय कार्यालय में संयुक्त आयुक्त मनीष मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर आलोक सिंह और भूपेण बहादुर सिंह जैसे वरिष्ठ अधिकारी पदस्थ हैं। विभागीय हलकों में चर्चा है कि अधिकार होने के बावजूद अब तक यह सुनिश्चित नहीं हो सका कि सक्ती वृत्त की अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय या संभागीय कार्यालय में बैठें।
इसी कारण कर्मचारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि प्रशासनिक व्यवस्था लागू कराने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।
00 ‘पर्दे के पीछे’ प्रभाव की भी चर्चा
विभागीय सूत्रों के बीच यह भी चर्चा है कि बिलासपुर संभागीय कार्यालय में बैठे एक प्रभावशाली अधिकारी का समर्थन संबंधित अधिकारी को मिल रहा है। यही वजह है कि तय मुख्यालय के बजाय बिलासपुर से कामकाज चलाने की स्थिति बनी हुई है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।
00 वाहन संचालन पर भी सवाल
बताया जाता है कि अधिकारी के लिए सरकारी वाहन भी स्वीकृत है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि वाहन का उपयोग बिलासपुर से सक्ती तक आने-जाने में किया जाता है। जबकि प्रशासनिक दृष्टि से संचालन रायगढ़ संभागीय मुख्यालय से होना चाहिए।
00 व्यापारियों की नाराजगी, शिकायत की तैयारी
सक्ती क्षेत्र के व्यापारियों में भी इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। उनका कहना है कि जब शक्ति में जीएसटी वृत्त बनाया गया है तो अधिकारी की नियमित मौजूदगी भी वहीं होनी चाहिए। व्यापारियों ने संकेत दिया है कि यदि स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो वे मामले को सीधे राज्य सरकार और वित्त मंत्री ओपी चौधरी तक उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
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