बिजली विभाग के तीन अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़ाया, ट्रांसफार्मर लगाने मांगे थे 35 हजार रुपए

बिलासपुर। ACB की टिम ने CSPDCL के 3 इंजीनियरों और एक लेखपाल को 35 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। तीनो ने ट्रांसफार्मर और मीटर लगाने के लिए रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने फ्लाईऐश ब्रिक्स का प्लांट लगाने के लिए ट्रांसफॉर्मर और मीटर लगाने के लिए आवेदन किया था।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ACB की टीम ने जांजगीर में ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए 35 हजार रिश्वत लेते हुए 3 अधिकारियों को पकड़ लिया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के सहायक अभियंता विजय नोर्गे, उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया है। जांजगीर निवासी प्रदीप यादव ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया था कि वह ग्राम खोखसा में फ्लाई ऐश ब्रिक्स का प्लांट लगाना चाहता है। इसके लिए ट्रांसफॉर्मर लगाने का आवेदन CSPDCL कार्यालय जांजगीर में दिया गया था। डिमांड नोट भी जमा कर दिया गया था। इसके बावजूद ट्रांसफार्मर और मीटर लगाने के लिए अधिकारियों ने 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।
ACB ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया जब आरोप सही पाया गया तो ट्रैप करने की योजना बनाई। 20 मार्च को शिकायतकर्ता को रिश्वत राशि देने के लिए CSPDCL कार्यालय भेजा। उसने उप अभियंता राजेंद्र शुक्ला को 10 हजार रुपए दिए, जबकि सहायक अभियंता विजय नोर्गे के कहने पर 25 हजार रुपए उनके सहायक देवेंद्र राठौर को दिया। रिश्वत की राशि देने के बाद ACB की टिम को जैसे ही संकेत मिला आसपास मौजूद टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ लिया। ACB की टिम ने आरोपियों के पास से कुल 35 हजार रुपए जप्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यालय में हड़कंप मच गया। रिश्वतखोर अधिकारियों को देखने के लिए कार्यालय में भीड़ लग गई। एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीबी ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी को दें।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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