बिलासपुर के पोल्ट्री फार्म में फैला बर्ड फ्लू, 5 हजार से अधिक मुर्गे -मुर्गियों की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप

बिलासपुर। कोनी के शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र (Poultry Farm) में 5,000 से अधिक पक्षियों (मुर्गा-मुर्गियों) की रहस्यमयी मौत का मामला 24 मार्च 2026 को सामने आया है। जिसमें बर्ड फ्लू की आशंका के चलते जांच की जा रही है। रायपुर टिम जांच करने के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि की है। इसके पूरे इलाके सील कर दिया गया है। इसके अलावा हजारों की संख्या में मुर्गे – मुर्गियों, चूजों और अंडों को नष्ट कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यहां मुर्गे मुर्गियां का 18 मार्च से मौत शुरू हो गई थी। लेकिन विभाग के अधिकारी पूरे मामले को दबाने में लगे रहे।

जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लुएंजा) के मामले की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से व्यापक नियंत्रण एवं रोकथाम के निर्देश जारी किए हैं। शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र कोनी में संक्रमण पाए जाने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
कलेक्टर ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जारी रिवाइज्ड एक्शन प्लान फॉर प्रिवेंशन एंड कॉन्टेनमेंट ऑफ एवियन इन्फ्लूएंजा 2021 के तहत आदेश जारी कर सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिले में विभागीय समन्वय स्थापित कर रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन कर दिया गया है, जो संक्रमित पक्षियों की कूलिंग (नष्ट करने), निपटान, निगरानी एवं संक्रमित क्षेत्र में कीटाणुशोधन की कार्रवाई करेंगी। संक्रमित क्षेत्र के 1 किलोमीटर के दायरे को संक्रमित जोन तथा 10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस जोन घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में साइन बोर्ड लगाकर लोगों को सतर्क किया जाएगा तथा कुक्कुट पक्षियों के आवागमन और विक्रय पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। राजस्व, पुलिस, नगरीय प्रशासन एवं पंचायत विभाग के समन्वय से संक्रमित क्षेत्र में कलिंग एवं डिस्पोजल की कार्यवाही शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराई जाएगी। साथ ही मरे हुए पक्षियों एवं अपशिष्टों का निपटान जैव सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा।
कुक्कुट फार्म में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य की निगरानी भी की जाएगी। लक्षण पाए जाने पर सैंपल लेकर जांच हेतु भेजा जाएगा तथा आवश्यकतानुसार एंटीवायरल दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त जिले में संबंधित समस्त विक्रय केंद्रों की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों—पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, लोक निर्माण तथा पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा विभाग को प्रतिदिन की कार्यवाही की रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिला दंडाधिकारी ने आमजनों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्कता बरतते हुए प्रशासन का सहयोग करें।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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