प्रिंसिपल और बाबू ले रहे थे 10 हजार, ACB ने दबोचा, एरियर्स की राशि निकालने के लिए मांगे थे 20 हजार

जांजगीर-चांपा। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) बिलासपुर की टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी की प्रिंसिपल अंजुला सोनी और क्लर्क (बाबू) विकास मसीह को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रिंसिपल ने अपने ही स्कूल के बाबू से एरियर्स निकालने के लिए 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला किरारी सहायक ग्रेड – 3 पद पर पदस्थ मनीष राठौर ने एसीबी बिलासपुर में शिकायत की थी कि प्रोबेशन पीरियड पूरी होने के बाद वर्ष 2025 में उनका नियमितीकरण हुआ है। वर्ष 2022 से जून 2026 तक की वेतन वृद्धि का करीब 80 हजार रुपए एरियर बनता है। इस राशि को निकलवाने के लिए आवेदन किया था। लेकिन प्रिंसिपल अंजुला सोनी ने 20 हजार रुपए रिश्वत मांगी थी। बार-बार निवेदन करने के बाद 10 हजार रुपए में सौदा तय हुआ।
मनीष राठौर रिश्वत नहीं देना चाहता था। इसलिए उन्होंने एसीबी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। एसीबी ने पहले शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात सही पाए जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। योजना के तहत शिकायतकर्ता को केमिकल लगा हुआ 10 हजार रुपए देकर स्कूल भेजा। स्कूल पहुंचने पर प्राचार्य अंजुला सोनी ने रिश्वत की रकम खुद लेने के बजाय सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विकास मसीह को देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने जैसे ही विकास मसीह को 10 हजार रुपए दिए पहले से आसपास मौजूद एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई कर दोनों को पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। एसीबी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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