भूपेश सरकार का एक और भ्रष्टाचार, आत्मानंद स्कूल के छत में दो ट्रक कबाड़, उजागर हो रहा है सारांश मित्तर का पाप

बिलासपुर। सरकंडा के आत्मानंद स्कूल के छत दो ट्रक कबाड़ भूपेश सरकार के एक और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। तत्कालीन कलेक्टर सारांश मित्तर में इतना घाटियां फर्नीचर खरीदा कि वह दो साल भी नहीं टिक सका। अब ये कबाड़ स्कूल प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन रहा है। क्योंकि स्कूल में जितनी जगह नहीं है उससे ज्यादा कबाड़ जमा हो गया है।

भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री बनने के बाद जिस अधिकारी और नेता पर भरोसा किया उसी ने उसके पीठ पर खंजर घोंपा है। सौम्या चौरसिया, अनिल टुटेजा, निरंजन दास, समीर विश्नोई की करतूत के तो पूरे छत्तीसगढ़ के लोग जानते है। अब मामला आत्मानंद स्कूल का भी सामने आ रहा है। बड़ी उम्मीद के साथ भूपेश बघेल ने आत्मानंद स्कूल शुरू किया था। इसके लिए भूपेश बघेल ने बजट देने में कोई कमी नहीं की। इसको योजना को सफल बनाने के आलोक शुक्ला जैसे IAS अधिकारी को जिम्मेदारी दी। यही नहीं सभी जिलों में कलेक्टरों को सीधा पॉवर दिया। जिलों में कलेक्टरों को निर्माण कार्य से लेकर खरीदी तक की पूरी जिम्मेदारी दी। लेकिन इन अधिकारियों ने भी भूपेश बघेल के पीठ में छुरा घोंपा है जमकर लूटमार किया। स्थिति ये है कि इनके किए पाप अब सामने आने लगे है। कलेक्टर सारांश मित्तर ने आत्मानंद स्कूलों के लिए इतना घाटियां फर्नीचर खरीदा कि वो दो साल भी नहीं टिक पाया। बच्चों के बैठने के लिए खरीदे गए डेस्क और बैंच लोहे की नहीं तीन से बनी है। यही कारण है किसी स्कूल का फर्नीचर साल भर चला तो किसी स्कूल का फर्नीचर डेढ़ साल ही टिक पाया। नतीजा ये हुआ कि खरीदे गए 90 प्रतिशत फर्नीचर दो साल में ही कबाड़ हो गए। सरकंडा के आत्मानंद स्कूल में लगभग दो ट्रक फर्नीचरों के कबाड़ स्कूल के लिए मुसीबत बना हुआ है। क्योंकि स्कूल में रखने के लिए जगह नहीं होने के कारण दो ढाई साल से छत में पड़ा हुआ है। अब इन कबाड़ों के कारण बारिश का पानी छत से बह नहीं प रहा है। अब बारिश का पानी स्कूल की बिल्डिंग को बर्बाद करने पर उतारू है। अब ये सारे फर्नीचर कबाड़ को बेचने के अलावा कुछ काम नहीं आएगा। Democrecy.in ने केवल सरकंडा स्कूल की तस्वीर ली है लेकिन सभी आत्मानंद स्कूलों का यही हाल है। अभी तो केवल फर्नीचर का मामला सामने आया है। जबकि आत्मानंद स्कूलों के लिए बड़े स्क्रीन के TV, प्रयोग शाला के लिए उपकरण, कम्यूटर और सफाई उपकरण पर कई करोड़ रुपए खर्च किए गए है। यदि इसकी जांच हो तो जिस तरह सट्टा मामले में कई IPS की नौकरी खतरे है वैसे ही आत्मानंद स्कूल की खरीदी में कई IAS की नाकरी खतरे में पड़ जाएगी।

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *