रासायनिक खाद की कीमत बढ़ते ही कांग्रेस का हमला, कहा – मोदी सरकार किसानों की कमर तोड़ रही

बिलासपुर। रासायनिक खाद की कीमत बढ़ते ही राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला तेज कर दिया है। बुधवार को कांग्रेस ने एक बयान जारी करके केंद्र की मोदी सरकार को किसानों की कमर तोड़ने वाली सरकार बताया है जबकि भूपेश बघेल को सच्चा किसान हितैसी बताया है।

प्रदेश उपाध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, अपैक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर, शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक,प्रदेश महामंत्री अर्जुन तिवारी, संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह, विधायक शैलेष पांडेय,महापौर रामशरण यादव,ज़िला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान, प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय, कार्यकारिणी सदस्य विष्णु यादव, पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, पुर्व शहर अध्यक्ष नरेंद्र बोलर, संयुक्त सचिव राजेन्द्र शुक्ला, शहर प्रवक्ता ऋषि पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल को सच्चा किसान हितैषी, मजदूर गरीब का हमदर्द कहा और कृषकों के जलकर माफ करने के लिए धन्यवाद भी दिए है। कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल ने चुनावी घोषणा पत्र में किसानों को जो वादा किया था उसे पूरा कर रहे है और इस वर्ष के समर्थन मूल्य की अन्तर्राशी को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पहली किश्त 21 मई को देने जा रहे है। 21 मई राजीव गांधी का शहादत दिवस है। कांग्रेस ने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए भूपेश सरकार ने 01 नवम्बर 2018 से जून 2020 तक की किसानों के बकाया सिंचाई जलकर एवं चालू वर्ष का सिंचाई जल कर को माफ करने का निर्णय लिया है। जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, कांग्रेस ने कहा कि भूपेश सरकार स्व राजीव गांधी की परिकल्पना को भी साकार कर रहे है और ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुदृढ करने के लिए गोबर खरीदने का कार्यक्रम शुरू किए, जिसका भविष्य में अच्छा परिणाम दिखेगा। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार किसानों की कमर तोड़ने में कोई कसर नही छोड़ रही है, नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने का दावा करती है वही समर्थन मूल्य समाप्त कर रही है। कांग्रेस ने कहा इस कोरोना काल मे नरेंद्र मोदी और भाजपा की जन विरोधी, किसान विरोधी नीति स्पष्ट दिख रही है ,नरेंद्र मोदी वैक्सीन बेचकर आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे वही खाद की रेट में लगभग 58 % की वृद्धि कर किसानों को ऋणी बनाने एवं कृषि उत्पादों के अप्रत्यक्ष कीमत बढ़ने से नकारा नही जा सकता। कांग्रेस ने कहा खाद की कीमतो में वृद्धि इफको के अनुसार ऐसे है डीएपी की कीमत 1200 से 1900 रुपये,एनपीके की कीमत 1175 से बढ़ाकर 1775 रुपये ,एनपीएस की कीमत 925 से बढ़ाकर 1350 रुपये कर दी गई है ,इसीप्रकार कृषि उपकरणों की कीमतों में वृद्धि की गई है ,कांग्रेस ने कहा कि जिस देश मे 80% से अधिक कृषक सीमांत और लघु है ,जिनके पास 5 एकड़ से कम जमीने है और,जो बमुश्किल अपनी आवश्यकतओं की पूर्ति कर पाते है ऐसी स्थिति में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के लिए ऐसे कीमते बढ़ाना ठीक नही है क्योंकि कृषि क्षेत्र देश मे सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला ,देश का पेट भरने वाला क्षेत्र है ,किसान नही रहेगा तो देश आर्थिक रूप से गुलाम हो जाएगा क्योंकि सर्वाधिक विदेशी मुद्रा लघु व कुटीर उद्योग से मिलता है जिसमे कृषि की अहम भूमिका होती है ,कांग्रेस केंद्र सरकार से मांग करती है कि खाद की बढ़ी कीमते वापस ले और उद्योगपति मित्रो को आर्थिक लाभ पहुचने से बचे । ऋषि पांडेय,प्रवक्ता शहर कांग्रेस 12/05/21

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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