रेलवे ने आपदा को बनाया अवसर, बना डाले 313 स्टाफ क्वार्टर्स, 11 ओवर ब्रिज, 33 अंडर ब्रिज और बिछा दी 303 किमी नई रेल लाइन

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आपदा को अवसर मानते हुए अभूतपूर्व काम कर दिए है। लॉक डाउन के दौरान जब पूरा देश ठहर से गया है तो रेलवे आधारभूत ढांचा खड़ा करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस दौरान रेलवे के निर्माण विभाग ने न केवल 228 किलो मीटर की नई रेल लाइन बिछा दी बल्कि 313 स्टाफ क्वाटर, 11 ओव्हर ब्रिज और 33 अंडर ब्रिज का निर्माण कर दिया। इसके अलावा और भी ढेरों उपलब्धियां हासिल कर ली है।

कोरोना महामारी के प्रकोप के बावजूद भी वर्ष 2020 – 21 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महाप्रबंधक के दिशा निर्देश में पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करते हुए नए आयाम स्थापित किए हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में इस वर्ष के दौरान कुल 303 किलोमीटर नई लाइनों के निर्माण का कार्य पूर्ण किया है, जिसमें से 228 किलोमीटर केवल निर्माण विभाग के द्वारा पूरा किया गया है, जो कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इतिहास में अब तक सर्वाधिक है।

इस वर्ष में मुख्यतः जबलपुर – गोंदिया लाइन का कार्य पूरा किया गया जिससे जबलपुर से बल्लारशाह के बीच की दूरी 276 किलोमीटर कम होने के साथ-साथ एक वैकल्पिक मार्ग भी बन गया। इसके अतिरिक्त चिरईडोंगरी से मंडला फोर्ट लाइन का कार्य पूर्ण होते ही कान्हा नेशनल पार्क रेल मार्ग द्वारा भारत देश के प्रमुख नगरों से जुड़ गया। कटंगी से तिरोड़ी नई लाइन के निर्माण से बालाघाट से नागपुर का वैकल्पिक मार्ग तैयार हो गया। छिंदवाड़ा – सिवनी के मध्य 90 किलोमीटर आमान परिवर्तन का कार्य पूर्ण किया गया। इन सभी कार्यों के पूरा होने से रेलवे की माल ढुलाई के साथ यात्रियों की सुविधा हेतु ट्रेनों का आवागमन हो सकेगा तथा इन क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक विकास के नए मार्ग प्रशस्त होंगे।

झाड़सुगुड़ा – ब्रजराजनगर एवं राजनांदगांव – डोंगरगढ़ के बीच तीसरी लाइन का कार्य पूर्ण होने से अब डोंगरगढ़ से झारसुगुड़ा का तक तीसरी लाइन का कार्य पूरा किया जा चुका है इसके अलावा मंडला फोर्ट, चिरईडोंगरी , तिरोड़ी गुड्स शेड का कार्य पूर्ण होने से लोडिंग बढ़ेगी।

वर्ष 2020 21 में कुल 13 स्टेशनों में नए इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का कार्य तथा डोंगरगढ़ – राजनांदगांव के बीच दोनों दिशाओं में ऑटो सिगनलिंग का कार्य पूरा किया गया। इसी साल में कुल 77 किलोमीटर रेल विद्युतीकरण का कार्य भी पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त 313 स्टाफ क्वार्टर्स, 11 रेल ओवर ब्रिज, 33 रेल अंडर ब्रिज बनाए गए हैं। इलेक्ट्रिक लोको शेड तथा सवारी एवं मालगाड़ी के डिब्बों के रखरखाव के लिए अतिरिक्त मेंटेनेंस शेड बनाने का कार्य भी भिलाई बिलासपुर एवं इतवारी स्टेशनों में किया गया है। महाप्रबंक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इसका सारा श्रेय दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों की लगनशीलता और निष्ठापूर्वक कर्तव्यपरायणता को दिया तथा उन्होंने कहा कि कोवीड संक्रमण की विषम परिस्थितियों में भी हमारे रेलकर्मी जी जान से अपने कार्य में लगे रहे और अपने लक्ष्य से कहीं ज्यादा उपलब्धियां हासिल किया। हम आगे भी इसी प्रकार का उत्कृष्ट कार्य करेंगे एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे, बिलासपुर को हर क्षेत्र मे शीर्ष पर लाने का प्रयास करेंगे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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